6 महीने बाद भी गुशैनी स्कूल के निर्माण में देरी, विधायक ने सरकार पर उठाए सवाल
6 महीने बाद भी गुशैनी स्कूल के निर्माण में देरी, विधायक ने सरकार पर उठाए सवाल

Author : Prem Sagar

March 25, 2026 4:30 p.m. 111

बंजार विधानसभा क्षेत्र के तीर्थन घाटी में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुशैनी की हालत अभी भी चिंताजनक है। बीती बरसात में स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त हो गया था और आज तक, यानी 6 महीने बाद भी स्कूल का नया भवन बनाने के लिए आवश्यक F.R.A. (Forest Approval) नहीं मिला है।

छात्र-छात्राएं इस समय स्थानीय युवक के मकान में अस्थायी रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। यह व्यवस्था केवल उम्मीद पर चल रही है कि सरकार जल्द ही नए भवन का निर्माण सुनिश्चित करेगी। इस दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। गुशैनी स्कूल में लगभग 450 से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, जिनके लिए यह स्थिति बेहद कठिनाई भरी है।

विधायक सुरेंद्र शौरी ने विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री स्कूल का दौरा कर चुके हैं, लेकिन भवन निर्माण के लिए आवश्यक वन विभाग की अनुमति आज तक नहीं मिली। उन्होंने इसे प्रशासन की लापरवाही और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।

विधायक शौरी ने यह भी कहा कि आपदा से प्रभावित स्कूलों में मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत शुरू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गुशैनी स्कूल में अस्थायी व्यवस्था को बेहतर बनाने और मकान मालिक को उचित किराया देने की भी मांग की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं है, बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद से छात्रों को अस्थायी जगह पर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ा है। इससे बच्चों की शिक्षा में व्यवधान आ रहा है और उनकी पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है।

शौरी ने सरकार से अपील की कि गुशैनी स्कूल के निर्माण में अब विलंब न किया जाए और F.R.A. जल्दी से जल्दी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि नई इमारत का निर्माण समय पर नहीं हुआ, तो बच्चों को लंबे समय तक अस्थायी और असुविधाजनक परिस्थितियों में पढ़ाई करनी पड़ेगी।

इस पूरी घटना से यह साफ है कि स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत में सरकार की संवेदनशीलता की कमी बच्चों और उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय है। विधायक ने यह भी उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में आपदा से प्रभावित सभी स्कूलों को प्राथमिकता देगी और बच्चों की शिक्षा पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

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