राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दियोहरी में हर्बल प्लांट की स्थापना, छात्रों में जागरूकता
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दियोहरी में हर्बल प्लांट की स्थापना, छात्रों में जागरूकता

Author : Prem Sagar

March 25, 2026 4:47 p.m. 2639

पर्यावरण की सुरक्षा और विद्यार्थियों में औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दियोहरी में एक हर्बल प्लांट स्थापित किया गया है। यह पहल राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एस.सी.ई.आर.टी), सोलन के सहयोग से सफल हुई है।

विद्यालय के प्रांगण में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे गमलों में लगाए गए हैं। इन पौधों में कई महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियां शामिल हैं, जिनके बारे में विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक उपयोग, प्राकृतिक उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त होगी। इससे बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीप ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि हर्बल प्लांट की स्थापना विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ पौधों की सजावट नहीं है, बल्कि यह बच्चों को सीखने और अनुभव करने का एक तरीका भी है।

ईको क्लब के इंचार्ज देवेंद्र कुमार ने बताया कि ईको क्लब के सदस्य पौधों की नियमित देखभाल करेंगे। वे इन पौधों के औषधीय गुणों पर अध्ययन करेंगे और इनके बारे में अन्य छात्रों को जानकारी देंगे। इसके साथ ही छात्रों को यह भी समझाया जाएगा कि कैसे छोटे-छोटे कदम उठाकर हम अपने पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं। कार्यक्रम में शिक्षकगण, ईको क्लब के सदस्य और विद्यालय का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने इस पहल को बहुत सराहा और इसे पर्यावरण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

विद्यार्थियों ने भी हर्बल प्लांट की स्थापना को लेकर उत्साह व्यक्त किया और वादा किया कि वे इन पौधों की देखभाल और सुरक्षा करेंगे। इससे छात्रों में जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति प्रेम की भावना भी बढ़ेगी। इस हर्बल प्लांट के माध्यम से न सिर्फ विद्यार्थी, बल्कि विद्यालय परिवार भी पौधों और पर्यावरण के महत्व को समझ पाएंगे। इससे उन्हें यह सीखने का अवसर मिलेगा कि प्रकृति के संसाधनों का संरक्षण करना कितना जरूरी है।

इस तरह की पहल से बच्चों में प्रकृति के प्रति रुचि बढ़ती है, और वे स्वास्थ्य, आयुर्वेद और प्राकृतिक उपचार के बारे में जागरूक होते हैं। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा भी व्यावहारिक रूप में उन्हें मिलती है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दियोहरी का यह कदम अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणादायक है। इस तरह के हर्बल प्लांट से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ प्रकृति और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील भी बनेंगे।

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