आदि हिमानी चामुंडा को वैष्णो देवी की तर्ज पर विकसित करने के लिए कांगड़ा के 15 विधायक सामूहिक पहल करें: प्रवीन कुमार
आदि हिमानी चामुंडा को वैष्णो देवी की तर्ज पर विकसित करने के लिए कांगड़ा के 15 विधायक सामूहिक पहल करें: प्रवीन कुमार

Author : Rajesh Vyas

Oct. 5, 2026 4:57 p.m. 124

पूर्व विधायक ने नवरात्रों में मुख्यमंत्री से नव निर्मित मंदिर भवन में पूजा-अर्चना शुरू करवाकर गर्भगृह की स्थापना करने का किया आग्रह

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग

पालमपुर के पूर्व विधायक एवं इन्साफ संस्था के अध्यक्ष प्रवीन कुमार ने आदि हिमानी चामुंडा मंदिर को माता वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि इस धार्मिक स्थल को कांगड़ा में बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष पहल की जाए। प्रवीन कुमार ने कहा कि जिला कांगड़ा के सभी 15 विधायक दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस परियोजना को सामूहिक संकल्प के रूप में लें। उनके अनुसार इससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

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नवरात्रों में गर्भगृह की स्थापना का आग्रह

पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नवरात्रों के शुभ अवसर पर वह स्वयं आदि हिमानी चामुंडा के नव निर्मित मंदिर भवन में पूजा-अर्चना का शुभारंभ करें और गर्भगृह की स्थापना करवाएं।उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालुओं में आस्था और विश्वास को बल मिलेगा तथा मंदिर के विकास को भी नई दिशा मिल सकती है। आदि हिमानी चामुंडा मार्ग को लेकर प्रशासन की ओर से समय-समय पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं भी लागू की जाती रही हैं। फरवरी 2026 में कांगड़ा प्रशासन ने इस ट्रेक पर दिन के समय ट्रेकिंग की अनुमति दी थी, जबकि रात में ट्रेकिंग पर रोक जारी रखी गई थी।

मंदिर विकास के लिए पहले किए प्रयासों का किया जिक्र

प्रवीन कुमार ने कहा कि विधायक रहते हुए उन्होंने पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रयास किए थे। उनके अनुसार तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के सहयोग से प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद आदि हिमानी चामुंडा मंदिर का चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के साथ विलय करवाया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद मंदिर परिसर के विकास के लिए मंदिर भवन, शौचालय, पैदल रास्ते, बिजली, पेयजल, वर्षाश्रय, रोपवे और हेलीकॉप्टर सेवा जैसी सुविधाओं का प्रारूप तैयार किया गया। उनके अनुसार हेलीपैड का निर्माण करवाकर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करवाई गई थी, जबकि रोपवे के लिए सर्वे भी करवाया गया था। आदि हिमानी चामुंडा के लिए रोपवे परियोजना का प्रस्ताव हिमाचल सरकार के पर्यटन दस्तावेजों में भी दर्ज रहा है। वन विभाग के रिकॉर्ड में हिमानी चामुंडा पैसेंजर रोपवे परियोजना का उल्लेख मिलता है।

पैदल मार्ग और सुविधाओं का भी उठाया मुद्दा

प्रवीन कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार के सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शांता कुमार ने आदि हिमानी चामुंडा की यात्रा के दौरान क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को देखने के बाद मंदिर के उबड़-खाबड़ रास्ते के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये उपलब्ध करवाए थे। उनके अनुसार इस राशि से करीब साढ़े चार किलोमीटर रास्ते का निर्माण हुआ, लेकिन इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था इन्साफ की ओर से मंदिर मार्ग पर 175 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। उनके अनुसार करीब 25 सोलर लाइटें अभी और लगाई जानी हैं।

रेन शेल्टर और पेयजल की जरूरत पर जोर

प्रवीन कुमार ने कहा कि करीब 10 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त रेन शेल्टर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी के आग्रह पर गजिबो या रेन शेल्टर के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे और इससे मार्ग पर पहला गजिबो तैयार हो चुका है। उन्होंने कांगड़ा के सभी 15 विधायकों से अपील की कि वे मंदिर मार्ग पर आवश्यक संख्या में गजिबो या रेन शेल्टर, पेयजल, शौचालय, बिजली और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में योगदान दें।

कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की योजना से जोड़ने की मांग

प्रवीन कुमार ने कहा कि यदि कांगड़ा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं तो आदि हिमानी चामुंडा जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थल को भी व्यापक पर्यटन योजना से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी 15 विधायक एकजुट होकर आदि हिमानी चामुंडा को माता वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प लें। उनके अनुसार इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान जयभुंजनी गढ़ माता मंदिर और जखणी माता मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए भी प्रयास किए जाने का उल्लेख किया। उनके अनुसार तत्कालीन राज्यसभा सांसद शांता कुमार के सहयोग से दोनों मंदिरों के लिए 75 लाख रुपये स्वीकृत करवाए गए थे और मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण के कार्य पूरे हुए।

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