हिमाचल में 16 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, 106 सड़कें बंद, 155 मौतें
हिमाचल में 16 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, 106 सड़कें बंद, 155 मौतें

Post by : Himachal Bureau

Aug. 11, 2026 10:07 a.m. 117

हिमाचल प्रदेश में मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। प्रदेश में Himachal Weather को लेकर जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 16 अगस्त तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। मंगलवार को आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर Orange Alert जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, मंडी, शिमला और ऊना के कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित

सोमवार को प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जुब्बड़हट्टी में 2.4 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 2.1 मिलीमीटर, धर्मशाला और चंबा में 2-2 मिलीमीटर, शिमला में 0.9 मिलीमीटर तथा कुफरी में 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में सबसे अधिक 60 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में परिवहन और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। राज्य में शाम तक 106 सड़कें बंद थीं, जबकि 66 ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुईं। कुल्लू में सबसे ज्यादा 40 सड़कें बंद रहीं। मंडी में 38 सड़कें बंद होने के साथ 63 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित बताए गए हैं।

भूस्खलन से सड़क पर आया मलबा

लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में Landslide की घटनाओं ने भी परेशानी बढ़ा दी है। चमियाणा फोरलेन के नजदीक पहाड़ी से मलबा सड़क पर आ जाने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। सड़क को दोबारा सामान्य करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। बारिश के कारण बंद हुई सड़कों और प्रभावित बिजली आपूर्ति ने कई ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित सेवाओं को जल्द बहाल करने में जुटे हुए हैं।

मानसून में 155 लोगों की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 30 जून से अब तक बारिश और इससे जुड़े हादसों में प्रदेश में 155 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें चंबा में सबसे ज्यादा 24 और कांगड़ा में 21 लोगों की जान गई है। विभिन्न घटनाओं में 256 लोग घायल हुए हैं, जबकि दो लोगों के अब तक लापता होने की जानकारी है। प्रदेश में Heavy Rain के कारण मकानों, सड़कों, बिजली व्यवस्था और पेयजल ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक 63 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 200 से अधिक पशुओं की भी मौत हुई है।

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835 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश को अब तक 835 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जिसकी क्षति करीब 615 करोड़ रुपये बताई गई है। जल शक्ति विभाग को भी लगभग 199 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में Himachal Pradesh Rain Alert के चलते प्रशासन की चुनौती और बढ़ सकती है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और कमजोर सड़कों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। मौसम में सुधार आने तक यात्रियों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

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