ओपीएस में बदलाव नहीं होगा, पालमपुर में 10 इलेक्ट्रिक बसें रवाना
ओपीएस में बदलाव नहीं होगा, पालमपुर में 10 इलेक्ट्रिक बसें रवाना

Author : Rajesh Vyas

Aug. 10, 2026 4:10 p.m. 109

हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि OPS में किसी भी स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की है और सरकार अपने इस फैसले पर पूरी तरह कायम है। पालमपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार काम कर रही है। Old Pension Scheme को लेकर उन्होंने कर्मचारियों को किसी तरह की आशंका नहीं रखने का संदेश दिया।

पालमपुर में 10 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी

उप मुख्यमंत्री ने पालमपुर में 10 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं इलेक्ट्रिक बस में सफर भी किया और प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि Electric Bus के इस्तेमाल से सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।

एचआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी और बसें

मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि अब तक HRTC के बेड़े में 297 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा चुकी हैं। चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने वाले निर्धारित मार्गों पर इन बसों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना है। इसके साथ ही डीजल बसों की खरीद को मुख्य रूप से लंबे मार्गों के लिए 47 सीट वाली बसों तक सीमित रखा जाएगा।

पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि एचआरटीसी की करीब 300 पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से बेड़े से बाहर किया जाएगा। जिन बसों ने 15 वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी कर ली है या करीब 9 लाख किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी हैं, उन्हें हटाकर उनके स्थान पर नई बसें शामिल की जाएंगी। Himachal Electric Bus योजना के तहत परिवहन व्यवस्था को धीरे-धीरे आधुनिक रूप देने पर सरकार का जोर है।

प्रदेश में तेजी से तैयार हो रहा चार्जिंग नेटवर्क

इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चार्जिंग केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। कांगड़ा जिले में धर्मशाला, नगरोटा, जसूर, देहरा, पालमपुर और पठानकोट में चार्जिंग केंद्र तैयार किए जा चुके हैं। जयसिंहपुर में भी चार्जिंग केंद्र स्थापित करने की योजना है। धर्मशाला, देहरा और नगरोटा के लिए इलेक्ट्रिक बसें पहले ही उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।

चिकित्सा और धार्मिक स्थलों के लिए भी बस सेवा

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पीजीआई, एम्स बिलासपुर, आईजीएमसी शिमला सहित विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इससे उपचार के लिए आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। साथ ही धार्मिक स्थलों तक बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। Himachal Roadways को आधुनिक बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

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पालमपुर में लोगों की समस्याएं भी सुनीं

कार्यक्रम के बाद उप मुख्यमंत्री ने पालमपुर में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं उनके समक्ष रखीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर आयुष, खेल एवं विधि मंत्री यादविंदर गोमा, विधायक आशीष बुटेल, पूर्व विधायक जगजीवन पाल, एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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