ऊंची चोटियों पर बर्फ की चादर, मैदानी इलाकों में कोहरे की मार
ऊंची चोटियों पर बर्फ की चादर, मैदानी इलाकों में कोहरे की मार

Post by : Khushi Joshi

Dec. 22, 2025 12:03 p.m. 557

हिमाचल प्रदेश में दिसंबर के तीसरे सप्ताह में मौसम ने एक बार फिर अपना बदला हुआ तेवर दिखाया है। राज्य की ऊंची पर्वतीय चोटियों रोहतांग, शिंकुला और दारचा सहित लाहौल-स्पीति के कई इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे पहाड़ों पर ठंड का असर और अधिक बढ़ गया है। रविवार को हुई इस बर्फबारी के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों से ठंडी हवाएं चलने लगी हैं, जिसका असर अब निचले और मैदानी इलाकों तक महसूस किया जा रहा है।

राजधानी शिमला और आसपास के हिल स्टेशनों में सुबह से बादल छाए रहने के कारण ठंड की धार तेज हो गई है, जबकि मनाली और इसके ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत राज्य के मैदानी और निचले जिलों में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बिलासपुर, ऊना और मंडी जैसे जिलों में सुबह और देर रात को कोहरे के चलते दृश्यता काफी कम रही, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के निचले और मैदानी जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। इसे देखते हुए बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान देर रात और सुबह के समय कोहरा अधिक घना हो सकता है, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 22 से 27 दिसंबर तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और इस अवधि में किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना नहीं है। इसके चलते आगामी दिनों में बारिश या व्यापक बर्फबारी की उम्मीद फिलहाल नहीं जताई गई है। हालांकि ऊंचाई वाले इलाकों में पहले से गिरी बर्फ के कारण ठंड का प्रकोप जारी रहेगा।

पर्यटन स्थलों की बात करें तो शिमला, कुफरी और मनाली में क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों को लेकर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी हुई है। होटल और पर्यटन कारोबार में रौनक तो देखने को मिल रही है, लेकिन मौसम विभाग के साफ पूर्वानुमान ने ‘व्हाइट क्रिसमस’ की उम्मीदों को झटका दिया है। विभाग के अनुसार 25 दिसंबर को इन पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी की संभावना नहीं है और सैलानियों को अभी सीजन की पहली बर्फबारी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

जनजातीय क्षेत्रों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि ताबो में पारा 1.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री अधिक रहा। मनाली में तापमान 6.7 डिग्री, कुफरी में 8.6 डिग्री, नारकंडा में 6.5 डिग्री और कल्पा में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

कुल मिलाकर हिमाचल में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में कोहरे की दोहरी मार से ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। आने वाले दिनों में मौसम भले ही शुष्क बना रहे, लेकिन सर्द हवाओं और कोहरे के कारण लोगों को ठंड से राहत मिलने की संभावना कम ही नजर आ रही है।

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