लवी मेले में हिम ट्रेडिशन उत्पादों की धूम, लोगों ने जमकर की खरीदारी
लवी मेले में हिम ट्रेडिशन उत्पादों की धूम, लोगों ने जमकर की खरीदारी

Post by : Khushi Joshi

Nov. 15, 2025 3:53 p.m. 3028

अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले में इस बार भी स्थानीय उत्पादों की सुगंध और पारंपरिक स्वाद लोगों को अपनी ओर खींचते दिखाई दिए। जाइका वानिकी परियोजना से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित हिम ट्रेडिशन ब्रांड के स्टॉल मेले के मुख्य आकर्षण बने रहे। चार दिन तक चले इस मेले में इन समूहों के द्वारा बनाए गए रसायन-मुक्त और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही। प्रदेश के किन्नौर, रामपुर और आनी क्षेत्र से जुड़े 14 स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पाद यहां प्रस्तुत किए, जिनमें चुल्ली का तेल, राजमाह, कोदे का आटा, शुद्ध घी और किन्नौरी पारंपरिक वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए गए।

लोगों का कहना है कि हिम ट्रेडिशन के उत्पाद न केवल उच्च गुणवत्ता के हैं, बल्कि अन्य स्टॉलों की तुलना में अधिक किफायती भी उपलब्ध हैं, जिस कारण इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भी अपने काम की सराहना से उत्साहित दिखीं और उन्होंने बताया कि इस परियोजना का हिस्सा बनने से उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अपनी मेहनत को नए बाजार मिलते देख वे आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने कहा कि जाइका परियोजना प्रदेश में न केवल रसायन-मुक्त कृषि को बढ़ावा दे रही है, बल्कि हथकरघा और बुनाई से जुड़े पारंपरिक कौशल को भी सशक्त बना रही है। इसी पहल के तहत तैयार उत्पादों को हिम ट्रेडिशन ब्रांड के माध्यम से पूरे प्रदेश में विशेष पहचान मिल रही है।

मेले के अंतिम दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी जाइका वानिकी परियोजना के स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों की मेहनत की सराहना की। मुख्यमंत्री का स्वागत रिटायर एचपीएफएस सीएम शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और कौशल को बढ़ावा देने में ऐसे स्टॉल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार भविष्य में भी स्थानीय समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम करेगी।

चार दिनों तक चले मेले के दौरान हिम ट्रेडिशन उत्पादों की बिक्री, उनकी गुणवत्ता और लोगों का उत्साह यह दिखाता है कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के लिए बाजार लगातार मजबूत हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

 
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