वोट बनवाने की प्रक्रिया आसान, पात्र लोग दो रुपए देकर कर सकेंगे आवेदन
वोट बनवाने की प्रक्रिया आसान, पात्र लोग दो रुपए देकर कर सकेंगे आवेदन

Post by : Khushi Joshi

Nov. 18, 2025 11:50 a.m. 194

शिमला से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसी बीच निर्वाचन आयोग ने पात्र नागरिकों को एक महत्वपूर्ण अवसर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वह चुनाव कार्यक्रम जारी होने तक अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से राहतभरा है जो नौकरी, स्थानांतरण, शिक्षा या अन्य निजी कारणों से समय पर अपना नाम सूची में दर्ज नहीं करा पाए थे।

नाम जोड़ने के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह सरल और सुलभ है। आवेदक को आवेदन की दो प्रतियां और मात्र दो रुपए शुल्क जमा करवाना होगा। यह मामूली राशि इसलिए तय की गई है ताकि कोई भी आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भी आसानी से अपने मतदान अधिकार का लाभ उठा सके। वहीं, शहरी निकायों — नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत — की मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए संबंधित एसडीएम या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना होगा, जहां यह शुल्क 50 रुपए निर्धारित है।

राज्य चुनाव आयोग पहले ही पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की मतदाता सूचियां अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर चुका है, ताकि लोग बिना कार्यालय जाए अपने नाम की स्थिति जांच सकें। साथ ही वोटर सारथी ऐप भी उपयोगकर्ताओं को मतदाता सूची देखने, नाम की पुष्टि करने और किसी भी गलती की सूचना देने की सुविधा प्रदान कर रहा है। पंचायत चुनावों के लिए 3577 ग्राम पंचायतों में से 3548 पंचायतों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है, जबकि शेष 29 पंचायतों की सूची एक दिसंबर तक उपलब्ध करवा दी जाएगी। 70 शहरी निकायों की मतदाता सूचियां भी अंतिम रूप ले चुकी हैं।

निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर 2025 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी युवक-युवतियां पहली बार मतदान के लिए पात्र हैं। इन्हें स्वयं आगे बढ़कर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाना चाहिए, क्योंकि यह न सिर्फ उनका संवैधानिक अधिकार है बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। कई बार नए युवा मतदान प्रक्रिया को लेकर अनभिज्ञ रहते हैं, इसलिए विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है।

राज्य भर में कई स्थानों पर मतदाता पंजीकरण शिविर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी बिना किसी बाधा के अपने नाम जोड़ सकें। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी पात्र मतदाता को सूची में शामिल होने से वंचित न रहना पड़े। जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवेदन समय पर प्रक्रिया में लिए जाएं और चुनाव कार्यक्रम घोषित होने से पहले लंबित आवेदनों का निपटारा कर दिया जाए।

निर्वाचन विभाग ने अपील की है कि लोग आखिरी समय का इंतजार न करें, क्योंकि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। विभाग का कहना है कि मतदाता पहचान पत्र केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतंत्र की वह कुंजी है जिसके माध्यम से हर नागरिक अपनी पसंद की सरकार चुनने में योगदान देता है। इसलिए समय पर नाम दर्ज कराना हर पात्र व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

राज्य सरकार भी निर्वाचन आयोग के साथ समन्वय बनाकर इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रयासरत है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिहीन बनाने के लिए विशेष तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि गलत पते, दोहरी प्रविष्टि या मृत व्यक्तियों के नाम जैसी त्रुटियों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके

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