हिमाचल में हरित क्षेत्र विकास के लिए मिशन 32 प्रतिशत अभियान शुरू
हिमाचल में हरित क्षेत्र विकास के लिए मिशन 32 प्रतिशत अभियान शुरू

Post by : Himachal Bureau

May 22, 2026 11:52 a.m. 1629

हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ‘मिशन 32 प्रतिशत’ नाम से नई पहल की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित क्षेत्र को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर 32 प्रतिशत तक पहुंचाना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में भी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में शुरू की जा रही इस योजना के तहत प्रदेशभर में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए कई नई योजनाओं को भी लागू किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा हरियाली बढ़े और प्राकृतिक संतुलन मजबूत हो सके। इस अभियान में स्थानीय लोगों और ग्रामीण समुदायों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जा सके।

वन विभाग ने इस योजना को सफल बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले वर्षों में हजारों हेक्टेयर भूमि पर नए पौधे लगाए जाएंगे। खासतौर पर ऐसे पौधों और पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पर्यावरण के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ लोगों को आर्थिक फायदा भी पहुंचा सकें। इस योजना के तहत देसी और फलदार पौधों को अधिक महत्व दिया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकें।

सरकार का कहना है कि बढ़ता पर्यावरण संकट भविष्य के लिए बेहद जरूरी चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले समय में जल संकट, मिट्टी का कटाव और मौसम से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार लगातार हरित योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से प्रदेश की जैव विविधता को भी काफी लाभ मिलेगा। जंगलों के विस्तार से वन्य जीवों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बेहतर होगा। इसके साथ ही मिट्टी और पानी के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। राज्य में लगातार बढ़ रहे जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने के लिए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार पहले से ही कई योजनाओं पर काम कर रही है जिनका उद्देश्य प्रदेश में हरियाली बढ़ाना है। इनमें सामुदायिक भागीदारी को सबसे ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। इस योजना में महिलाओं, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान का हिस्सा बन सकें। प्रदेश सरकार का मानना है कि लोगों की भागीदारी के बिना किसी भी पर्यावरण अभियान को पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता।

इस अभियान के तहत हजारों हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि जंगलों और हरियाली को बढ़ाने से पर्यटन को भी फायदा मिलेगा और प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश में हरित विकास और सतत विकास का बड़ा उदाहरण बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी प्राकृतिक खेती, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाती रहेगी। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए नई रणनीतियों पर भी काम किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।

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