नादौन में गैस संकट पर बवाल, लोगों ने सिलेंडर गाड़ी को जबरन रोका
नादौन में गैस संकट पर बवाल, लोगों ने सिलेंडर गाड़ी को जबरन रोका

Post by : Himachal Bureau

March 20, 2026 6:17 p.m. 113

उपमंडल नादौन के तहत आने वाले बाबे दी कुटिया क्षेत्र में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब लाहड़ बड़ा के लिए जा रही एलपीजी गैस की गाड़ी को अन्य क्षेत्रों से आए लोगों ने जबरन रोक लिया। जैसे ही लोगों को यह जानकारी मिली कि गैस की गाड़ी लाहड़ बड़ा की ओर जा रही है, वैसे ही आसपास के कई गांवों के लोग अपने-अपने खाली सिलेंडर लेकर मौके पर पहुंच गए। इस दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण बन गई और लोगों ने गाड़ी को आगे जाने से रोक दिया।

लोगों का कहना था कि उनके क्षेत्रों में पिछले दो से तीन सप्ताह से गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पाई है। इस वजह से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और कई परिवारों को खाना बनाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों ने बताया कि पहले की तरह नियमित रूप से गैस की सप्लाई नहीं हो रही है, जिससे उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

जब लोगों ने गाड़ी को रोका तो मौके पर ही सिलेंडरों का वितरण शुरू किया गया। हालांकि उपभोक्ताओं की संख्या अधिक होने के कारण सभी लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पाए। इस कारण कई लोगों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी देखी गई कि उन्हें समय पर गैस उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह गैस सिलेंडर की गाड़ी नादौन के लाहड़ बड़ा के लिए सप्लाई लेकर जा रही थी। इसी दौरान पुतडियाल, जीवाणी, मणसोल, लाहड़, बरध्याड़, करंडोला और रैल समेत कई गांवों के लोग अपने वाहनों में खाली सिलेंडर लेकर बाबे दी कुटिया के पास पहुंच गए। सभी लोगों ने मिलकर गाड़ी को रोक लिया और गैस सिलेंडर देने की मांग करने लगे।

गाड़ी के आपूर्तिकर्ताओं ने लोगों को समझाने की कोशिश की कि यह गाड़ी लाहड़ बड़ा के लिए निर्धारित है, लेकिन लोगों के आक्रोश को देखते हुए उन्हें वहीं पर सिलेंडरों का वितरण करना पड़ा। इसके बावजूद सभी लोगों की मांग पूरी नहीं हो सकी, जिससे असंतोष बना रहा।

पुतडियाल पंचायत के पूर्व प्रधान संजीव कुमार, सतीश गिल, महिला मंडल प्रधान सपना देवी, पूर्व उपप्रधान उर्मिला देवी, पूर्व प्रधान आशा देवी, सुनील कुमार और अनिल कुमार सहित अन्य लोगों ने गैस एजेंसी संचालकों से मांग की है कि सभी क्षेत्रों में पहले की तरह नियमित रूप से गैस सिलेंडर की गाड़ियां भेजी जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर गैस उपलब्ध होने से लोगों को राहत मिल सकेगी।

लोगों ने बताया कि गैस की कमी के कारण उन्हें मजबूरी में पुराने तरीकों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिन घरों में चूल्हे बने हुए हैं, वे लकड़ी का इंतजाम कर रहे हैं, जबकि जिनके पास यह सुविधा नहीं है, वे इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि दोनों ही व्यवस्थाएं लोगों के कामकाज को प्रभावित कर रही हैं और उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।

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