इग्नू जून परीक्षा: फॉर्म भरने की तिथि बढ़ी, अब 26 अप्रैल तक मौका
इग्नू जून परीक्षा: फॉर्म भरने की तिथि बढ़ी, अब 26 अप्रैल तक मौका

Post by : Himachal Bureau

April 10, 2026 5:02 p.m. 467

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय  ने जून 2026 की सत्रांत परीक्षा में बैठने वाले लाखों छात्र-छात्राओं को एक बड़ी राहत देते हुए ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि को आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी मूल्यांकन प्रभाग  द्वारा आज, 10 अप्रैल 2026 को जारी एक महत्वपूर्ण अधिसूचना के माध्यम से सूचित किया गया है कि अब ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग  और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे छात्र बिना किसी विलंब शुल्क के 26 अप्रैल, 2026 तक अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह निर्णय उन विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए लिया है जो विभिन्न तकनीकी या व्यक्तिगत कारणों से अब तक अपना पंजीकरण नहीं करा पाए थे। यह विस्तार उन छात्रों के लिए एक अंतिम अवसर के रूप में देखा जा रहा है जो इस शैक्षणिक सत्र की परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं।संशोधित समय-सारणी के अनुसार, यदि कोई छात्र 26 अप्रैल की समय सीमा तक फॉर्म नहीं भर पाता है, तो उन्हें 27 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2026 के बीच ₹1,100 के विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने छात्रों को सख्त हिदायत दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतज़ार न करें, क्योंकि अंतिम घंटों में वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक के कारण अक्सर तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसके साथ ही, इग्नू ने इस बार एक अनिवार्य बदलाव की भी याद दिलाई है; अब डिजिटल सिस्टम और क्रेडिट ट्रांसफर की सुचारू प्रक्रिया के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स  आईडी देना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इस आईडी के छात्रों को फॉर्म भरने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि अंकों के सही रिफ्लेक्शन के लिए यह डिजिटल रिकॉर्ड अब बेहद महत्वपूर्ण है।

परीक्षाओं के आयोजन की बात करें तो जून 2026 की सत्रांत परीक्षाएं अस्थायी रूप से 1 जून, 2026 से शुरू होने की संभावना है, जो जुलाई के मध्य तक निरंतर चलेंगी। इग्नू ने सभी नामांकित छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, डेट शीट और फॉर्म भरने की प्रक्रिया के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल 'ignou.samarth.edu.in' पर ही भरोसा करें। समय सीमा में इस बढ़ोतरी से उन दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को विशेष लाभ होगा जिन्हें इंटरनेट या अन्य संसाधनों की कमी के कारण पंजीकरण में देरी हो रही थी। विश्वविद्यालय के इस छात्र-हितैषी कदम की सराहना की जा रही है, क्योंकि इससे हजारों विद्यार्थियों का एक कीमती साल बर्बाद होने से बच जाएगा।

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