Author : Ashok Kumar Chamba
आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सरू में प्री-प्राइमरी शिक्षा से संबंधित पांच दिवसीय कार्यशाला का औपचारिक शुभारम्भ किया गया। यह कार्यशाला दिनांक 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस अवसर पर जिला उप शिक्षा निदेशक (गुणवत्ता) एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा, श्री भाग सिंह जी ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य प्री-प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की क्षमता और कौशल को बढ़ाना है।
इस कार्यशाला में जिला चंबा के चार शिक्षा खंडों—चंबा, हरदासपुर, मेहला और किआनी—के ग्रीष्मकालीन स्कूलों के JBT (Junior Basic Trained) अध्यापक भाग ले रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कार्यशाला प्री-प्राइमरी शिक्षा से संबंधित है, इसलिए केवल वही शिक्षक इसमें शामिल हुए हैं जो अपने स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को शिक्षा देते हैं। वर्तमान में जिला चंबा में कुल 846 प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हो रही हैं, और लगभग 12,000 बच्चे नर्सरी, LKG और UKG में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इस कार्यशाला में कुल 120 शिक्षक भाग ले रहे हैं। उन्हें दो बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि प्रत्येक शिक्षक को व्यक्तिगत रूप से ध्यान और मार्गदर्शन मिल सके।
जिला प्री-प्राइमरी समन्वयक ओंकार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन पांच दिनों में शिक्षकों को प्री-स्कूल पाठ्यक्रम, कक्षा-कक्ष की शिक्षण प्रक्रिया, बच्चों के सर्वांगीण विकास के चरण, स्वास्थ्य एवं पोषण, हिम वाटिका प्लानर, गणित और अंग्रेजी की बुनियादी समझ, एडमिशन प्रक्रियाएं, असेसमेंट, और रिपोर्ट कार्ड तैयार करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएँगी।
कार्यशाला में प्रशिक्षकों की टीम राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्तियों से बनाई गई है। इसमें अरविंद ठाकुर (प्रवक्ता गणित, DIET), राजेश कुमार, राकेश कुमार, राम सिंह, ब्रिज भूषण, इंदिरा भूषण, तथा प्रथम संस्था से संदीप, मंजू, उमेश और भूपेंदर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में शिक्षकों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों प्रकार की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे अपने स्कूलों में प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए अधिक प्रभावी शिक्षण कर सकेंगे।
जिला अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ प्री-प्राइमरी शिक्षा के सुधार और बच्चों के प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशिक्षित शिक्षक न केवल पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से लागू कर पाएँगे, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में भी मदद कर सकेंगे।
जिला प्रशासन ने बताया कि भविष्य में और भी इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिससे सभी JBT शिक्षक प्री-प्राइमरी शिक्षा के नवीनतम तरीकों और मॉड्यूल के साथ अपने स्कूलों में बच्चों को शिक्षित कर सकें। इससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और भी सशक्त होगी और उन्हें आगे की कक्षाओं के लिए बेहतर तैयार किया जा सकेगा।
इस प्रकार, सरू में आयोजित यह पांच दिवसीय कार्यशाला न केवल शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धन का अवसर है, बल्कि यह जिला चंबा में प्री-प्राइमरी शिक्षा के स्तर को भी मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट