Author : Sanjay Kumar Bilaspur
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को जिले में प्रभावी तरीके से लागू करने और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बिलासपुर में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार की संयुक्त सचिव एवं प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की केंद्रीय नोडल अधिकारी मीरा मोहंती ने की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक पहुंचना चाहिए।
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले में चल रहे कार्यों और अब तक हुई प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही योजना के अंतर्गत 11 मंत्रालयों से जुड़ी 36 विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मीरा मोहंती ने अधिकारियों से कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू कर किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने जिले के प्रमुख विकास संकेतकों में सुधार लाने के लिए विभागों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल होने से किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूती मिल सकेगी।
मीरा मोहंती ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सीएसआर राशि के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय कारोबारी संस्थानों और बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों के लिए उपयोगी और परिणाम देने वाली योजनाएं तैयार की जा सकें। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कृषि योजना के अंतर्गत जिले में करीब 2,276 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों के लिए 54,863 लाख रुपये की जिला कार्य योजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई है।
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बैठक के बाद मीरा मोहंती ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत निहाल बिलासपुर में स्थापित शीत भंडारण और जैविक जलकृषि इकाई का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने आत्मा परियोजना के अंतर्गत चनालग-बंदला स्थित प्राकृतिक खेती समूह का दौरा किया और किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती की विधियों, उत्पादन और बाजार से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों को विशेष पहचान और ब्रांड के रूप में विकसित किया जाए। इससे किसानों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी और उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर, कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान, जिला नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बिलासपुर समाचार, किसानों की आय और प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रयासों को जिले के कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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