Post by : Himachal Bureau
कोविड-19 का समय आज भी लोगों को एक बुरे सपने जैसा लगता है। उस दौरान लोगों ने अपने करीबियों को खोने का डर, अस्पतालों की भाग-दौड़ और मुश्किल हालात देखे। जो लोग इस बीमारी से ठीक हो गए, उन्होंने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन अब एक नई स्टडी ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी है। हाल ही में आई रिसर्च में सामने आया है कि जिन लोगों को कोविड या फ्लू का बहुत ज्यादा गंभीर संक्रमण हुआ था, उनके शरीर में आगे चलकर कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। यह खतरा खासकर उन लोगों में ज्यादा बताया गया है, जिन्हें संक्रमण के दौरान अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
हमारे शरीर में कुछ खास तरह के सेल होते हैं, जैसे न्यूट्रोफिल्स और मैक्रोफेज, जो हमें बीमारियों से बचाने का काम करते हैं। लेकिन इस स्टडी के अनुसार, जब किसी व्यक्ति को बहुत गंभीर वायरल संक्रमण होता है, तो इन सेल्स के काम करने का तरीका बदल जाता है। बीमारी से ठीक होने के बाद भी ये सेल्स पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाते। इसके कारण शरीर में सूजन कम होने की बजाय लंबे समय तक बनी रहती है। यही लगातार रहने वाली सूजन आगे चलकर ट्यूमर या कैंसर बनने की वजह बन सकती है। आसान भाषा में समझें तो संक्रमण के दौरान फेफड़ों पर जो असर पड़ता है, वह ठीक होने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होता और शरीर के अंदर धीरे-धीरे समस्या पैदा कर सकता है।
हालांकि इस खबर के बीच एक राहत की बात भी सामने आई है। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि जिन लोगों ने समय पर कोविड की वैक्सीन लगवाई थी या जिन्हें संक्रमण के दौरान बहुत हल्के लक्षण हुए थे, उन्हें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों में कैंसर का खतरा नहीं बढ़ा है। कुछ मामलों में तो वैक्सीन लेने वालों में यह जोखिम और भी कम देखा गया है। इसका मतलब यह है कि खतरा मुख्य रूप से उन्हीं लोगों के लिए ज्यादा है, जिनका संक्रमण बहुत गंभीर था और जिनके फेफड़ों को ज्यादा नुकसान हुआ था।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को कोविड के समय ज्यादा परेशानी हुई थी या जो लंबे समय तक अस्पताल में रहे थे, उन्हें अब अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कोई नई या असामान्य समस्या महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि ऐसे लोग समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाते रहें। नियमित चेकअप से किसी भी बीमारी का पता शुरुआत में ही लग सकता है और समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है। इससे बड़ी बीमारी बनने से पहले ही उसे रोका जा सकता है।
इस तरह यह स्टडी लोगों को डराने के बजाय सतर्क रहने का संकेत देती है। सही समय पर जांच और डॉक्टर की सलाह से इस संभावित खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और स्वस्थ जीवन जीया जा सकता है।
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