स्वां चैनलाइजेशन से ऊना को बाढ़ से मिली बड़ी राहत
स्वां चैनलाइजेशन से ऊना को बाढ़ से मिली बड़ी राहत

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 20, 2026 2:51 p.m. 118

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्वां नदी चैनलाइजेशन को लंबे समय से क्षेत्र की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में गिना जाता है। एक समय ऐसा था जब बरसात शुरू होते ही ऊना के लोगों की चिंता बढ़ जाती थी। स्वां नदी और इससे जुड़ी खड्डों में पानी का बहाव तेज होने के कारण आसपास के खेतों, घरों और जमीनों को भारी नुकसान झेलना पड़ता था। स्वां नदी की बाढ़ के कारण हर साल किसानों की बड़ी मात्रा में उपजाऊ भूमि प्रभावित होती थी। इसी वजह से इसे कभी “ऊना का श्राप” तक कहा जाता था। बरसात के दौरान नदी और जलधाराओं का रुख बदलने से कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते थे।

धूमल के प्रयासों से शुरू हुआ चैनलाइजेशन

इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने महत्वपूर्ण पहल की। जब वह लोकसभा सांसद थे, तब उन्होंने स्वां नदी से जुड़ी समस्या को प्रमुखता से उठाया। बाद में मुख्यमंत्री बनने के बाद वर्ष 2000 में Swann Channelization Project पर काम शुरू किया गया। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और धनराशि उपलब्ध करवाने के प्रयास किए गए। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से मिले सहयोग ने इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कई वर्षों की मेहनत के बाद बदली तस्वीर

स्वां नदी का चैनलाइजेशन कोई सामान्य परियोजना नहीं थी। नदी के विशाल क्षेत्र और इससे जुड़ी अनेक जलधाराओं को व्यवस्थित करना एक बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद चरणबद्ध तरीके से काम आगे बढ़ाया गया। बाद के वर्षों में परियोजना को गति मिली और वर्ष 2017 के बाद भी इसके कार्य को आगे बढ़ाया गया। लंबे समय तक चले प्रयासों के बाद ऊना के कई हिस्सों में बाढ़ के पुराने खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिली।

किसानों और ग्रामीणों को मिली राहत

Una Flood Control के लिहाज से स्वां चैनलाइजेशन को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहले जहां बरसात के मौसम में किसानों को अपनी फसल और जमीन को लेकर चिंता रहती थी, वहीं चैनलाइजेशन के बाद कई क्षेत्रों में स्थिति में सुधार देखने को मिला। नदी के बहाव को व्यवस्थित करने और तटों को मजबूत करने से आसपास के इलाकों को सुरक्षा मिली। इससे लोगों के घरों और कृषि भूमि को बरसाती पानी से होने वाले नुकसान से बचाने में भी मदद मिली।

सुरक्षा बनाए रखना अब भी बड़ी जिम्मेदारी

हालांकि स्वां चैनलाइजेशन से ऊना को बड़ी राहत मिली है, लेकिन परियोजना की सुरक्षा और प्रभावशीलता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। नदी क्षेत्र में अवैध खनन, तटों से छेड़छाड़ और जल प्रवाह में बाधा पैदा करने वाली गतिविधियां भविष्य में गंभीर खतरा बन सकती हैं। Himachal Flood Control और नदी संरक्षण के लिए जरूरी है कि चैनलाइज्ड क्षेत्र की नियमित निगरानी की जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

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नई पीढ़ी को बतानी होगी इसकी कहानी

आज की पीढ़ी के लिए यह समझना जरूरी है कि ऊना में स्वां नदी कभी कितनी बड़ी समस्या का कारण बनती थी। लगातार बरसात के दिनों में बाढ़ का डर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता था। स्वां चैनलाइजेशन ने इस पुराने संकट को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परियोजना के पीछे लंबे समय तक किए गए प्रयासों और राजनीतिक इच्छाशक्ति को भी इस बदलाव का अहम हिस्सा माना जाता है। ऊना को भविष्य में भी बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए Swann River के संरक्षण, तटों की देखरेख और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी होगा। तभी स्वां चैनलाइजेशन से मिली सुरक्षा को लंबे समय तक कायम रखा जा सकेगा।

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