चौपाल के वीर जवान कपिल देव को मिलेगा शौर्य चक्र, क्षेत्र में गर्व
चौपाल के वीर जवान कपिल देव को मिलेगा शौर्य चक्र, क्षेत्र में गर्व

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 19, 2026 3:21 p.m. 120

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चौपाल विधानसभा क्षेत्र की नेरवा तहसील के छोटे से गांव चिलराना ने देश सेवा और वीरता के क्षेत्र में एक नया गौरव हासिल किया है। गांव के वीर सपूत लांस नायक कपिल देव को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस और असाधारण वीरता दिखाने के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। लांस नायक कपिल देव की इस उपलब्धि से उनके परिवार, गांव चिलराना, नेरवा, चौपाल और पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देशभर में सम्मान की नजर से देखा जा रहा है।

बचपन से था देश सेवा का सपना

लांस नायक कपिल देव वर्तमान में डोगरा रेजिमेंट की 11वीं बटालियन राष्ट्रीय राइफल्स में सेवाएं दे रहे हैं। उनके पिता हीरा सिंह हैं, जबकि उनकी माता स्वर्गीय कमलेशी देवी थीं। बताया जाता है कि कपिल देव बचपन से ही सेना में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखते थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाई गई उनकी बहादुरी ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ चला अभियान

जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया था। इसके कुछ दिन बाद सुरक्षा बलों को आतंकियों के एक ठिकाने के बारे में जानकारी मिली। 18 जनवरी को सुरक्षा बलों ने इलाके में कार्रवाई करते हुए आतंकियों के ठिकाने का पता लगाया। हालांकि, घने जंगल और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर आतंकवादी वहां से भागने में सफल रहे। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान जारी रखा।

घने जंगल में गोलियों के बीच दिखाई बहादुरी

4 फरवरी 2026 की शाम करीब 6:15 बजे डिच्छार के घने जंगलों में सुरक्षा बलों की टीम तलाशी अभियान चला रही थी। इस दौरान लांस नायक कपिल देव अग्रिम दल के खोजी जवान के रूप में आगे बढ़ रहे थे। तलाशी के दौरान उनकी नजर पेड़ों के पीछे छिपे एक आतंकवादी पर पड़ी। स्थिति बेहद संवेदनशील थी, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। वह अपने साथी जवान के साथ आतंकवादी के करीब पहुंचे। इसी दौरान आतंकवादियों ने अलग-अलग दिशाओं से सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई भारी गोलीबारी के बावजूद कपिल देव ने अपना धैर्य नहीं खोया।

जान की परवाह किए बिना किया मुकाबला

गोलियों की बौछार के बीच लांस नायक कपिल देव ने असाधारण साहस दिखाया। उन्होंने सटीक कार्रवाई करते हुए एक आतंकवादी को मार गिराया। उनकी बहादुरी और त्वरित निर्णय से अभियान में शामिल अन्य जवानों को भी महत्वपूर्ण बढ़त मिली। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की। कपिल देव के साहस को अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण माना गया।

पूरे चौपाल के लिए गौरव का अवसर

लांस नायक कपिल देव को वीरता पुरस्कार मिलने की घोषणा के बाद चिलराना गांव से लेकर चौपाल और नेरवा तक लोगों में उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के इस वीर बेटे ने अपने साहस से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि हिमाचल की सैन्य परंपरा और देश सेवा की भावना को भी दर्शाती है। कपिल देव की कहानी क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है और यह संदेश देती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य के प्रति निष्ठा और साहस सबसे महत्वपूर्ण होता है।

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राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

भारत सरकार की घोषणा के अनुसार लांस नायक कपिल देव को शौर्य चक्र प्रदान किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति उनके सीने पर शौर्य चक्र सजाएंगे, तब यह पल उनके परिवार के साथ-साथ चिलराना, नेरवा, चौपाल और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद गौरवपूर्ण होगा। कपिल देव की वीरता केवल एक सैनिक की बहादुरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में डटे रहने वाले जवानों के समर्पण और बलिदान का प्रतीक भी है।

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