Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर जिले में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया। Himachal Weather के बदलते मिजाज के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ और पेड़ गिरने से सड़क मार्ग बाधित हो गए। हालांकि, लोक निर्माण विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर भेजा और अधिकांश अवरुद्ध सड़कों को कुछ ही घंटों में यातायात के लिए खोल दिया। सुजानपुर-संधोल, बदारन-जोल गाहलियां, कसीरी महादेव-डूहक-छतरूड़ू, टौणी देवी-उहल, उहल-जंदड़ू, लघवाण-टौणी देवी, टियालू-लोहारडा, पंजोत-ललयार और बणी-मटकर समेत कई मार्गों पर बारिश और मलबे का असर देखने को मिला।
नादौन उपमंडल में मान खड्ड का जलस्तर बढ़ने के कारण नादौन-गौना-धनेटा मार्ग भी कुछ समय के लिए बाधित रहा। ग्राम पंचायत कश्मीर में कुछ मकानों में मलबा घुसने की सूचना मिलने पर प्रशासन और बचाव दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर तत्काल रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किए जा सकें।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आपातकालीन संचालन केंद्र को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। इस दौरान एक पक्के मकान, चार कच्चे मकानों और एक गौशाला को नुकसान पहुंचने की सूचना है। वहीं, 30 जून के बाद से मौजूदा मानसून अवधि में हमीरपुर जिले में सरकारी और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आंकड़ा 29.22 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
आंकड़ों के अनुसार, मानसून के दौरान लोक निर्माण विभाग को करीब 24.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को लगभग 4.53 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 39.48 लाख रुपये और शिक्षा विभाग को करीब 10 हजार रुपये की क्षति का अनुमान है। कच्चे और पक्के मकानों तथा गौशालाओं को भी बारिश के कारण नुकसान पहुंचा है। कई भवनों को आंशिक क्षति हुई है, जबकि कुछ कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष ने सभी विभागों को बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने क्षेत्रों में होने वाले नुकसान की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। खराब मौसम में पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली की तारों के पास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।
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