Author : Sourabh Jain
सोलन जिले के पहाड़ी क्षेत्र रामशहर में सोमवार को धार्मिक आस्था और उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर करीब 290 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद रामशहर पहुंचे 15 वर्षीय सारांश वर्मा का परिवार और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। रामशहर बस स्टैंड पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं और शहरवासियों ने भजन-कीर्तन किया तथा फूल-मालाएं पहनाकर किशोर कांवड़िये का अभिनंदन किया। सारांश वर्मा के पहुंचने पर उनके परिवार में भी खुशी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने उनकी धार्मिक आस्था, हिम्मत और लंबी पैदल यात्रा पूरी करने के जज्बे की सराहना की। किशोर की इस यात्रा को लेकर क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
सारांश वर्मा ने बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा थी। उन्होंने 31 जुलाई को हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर रामशहर स्थित अपने प्राचीन शिवालय के लिए पैदल यात्रा शुरू की थी। उनके पास करीब पांच लीटर पवित्र गंगाजल था, जिसे वह पूरी श्रद्धा के साथ अपने साथ लेकर चले। लगभग 290 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने के दौरान उन्हें रास्ते में कई स्थानों पर शिवभक्तों और श्रद्धालुओं का सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान रास्ते में रुकने और भोजन आदि की भी अच्छी व्यवस्था देखने को मिली।
सारांश ने यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में कांवड़ियों के लिए किए गए प्रबंधों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई जगह व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे कांवड़ियों को लंबी दूरी तय करने में काफी सहायता मिली। उन्होंने बताया कि पहली बार इतनी लंबी पैदल यात्रा करने के बावजूद उन्हें रास्ते में किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। शिवभक्तों की ओर से जगह-जगह किए गए सहयोग और सेवा से यात्रा का अनुभव उनके लिए यादगार बन गया।
सारांश वर्मा ने अपनी कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवा पीढ़ी को सामाजिक और देशहित से जुड़े कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्ति को लेकर जागरूक रहने और नशे जैसी बुरी प्रवृत्तियों से खुद को दूर रखने का आह्वान किया। उनका कहना है कि युवा यदि सकारात्मक गतिविधियों, सामाजिक सेवा और देशभक्ति के कार्यों में हिस्सा लें तो समाज को नई दिशा मिल सकती है।
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सारांश वर्मा ने बताया कि हरिद्वार से लाया गया पवित्र गंगाजल 11 अगस्त की देर रात रामशहर के प्राचीन शिव मंदिर में भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। विधि-विधान के साथ शिवलिंग पर गंगाजल अभिषेक किया जाएगा। रामशहर पहुंचने पर हुए भव्य स्वागत ने सारांश के लिए इस धार्मिक यात्रा को और भी खास बना दिया। परिवारजनों और स्थानीय लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। 15 वर्षीय सारांश की इस यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि आस्था के साथ यदि दृढ़ संकल्प और अनुशासन जुड़ जाए, तो कम उम्र में भी कठिन लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने उनके प्रयास को क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
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