Author : Rajesh Vyas
पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़े अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। प्रशिक्षण का विषय कृषि प्रशिक्षण के साथ सब्जियों और बागवानी फसलों की संरक्षित खेती तथा उनके मूल्य संवर्धन पर केंद्रित है। यह 16 सप्ताह का दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम पुनर्वास महानिदेशालय, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन होल्टा सैन्य स्टेशन के लेफ्टिनेंट कर्नल अमन ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सेना से जुड़े कर्मियों को ऐसे रोजगारपरक कौशल प्रदान करना उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
इस विशेष प्रशिक्षण में भारतीय सशस्त्र बलों के कुल 42 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इनमें भारतीय सेना के 29, भारतीय नौसेना के 5 और भारतीय वायु सेना के 8 प्रतिभागी शामिल हैं। प्रतिभागियों को कृषि और बागवानी से संबंधित आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ उन्हें व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. चन्द्रकांता वत्स ने मुख्य अतिथि और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव को प्रतिभागियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बागवानी प्रशिक्षण के अंतर्गत आधुनिक उत्पादन पद्धतियों से लेकर संरक्षित खेती की विभिन्न तकनीकों तक की जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को संरक्षित खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली संरचनाओं, उनके संचालन और रखरखाव के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा पौधशाला प्रबंधन, उच्च मूल्य वाली सब्जियों और बागवानी फसलों की खेती, फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की रोकथाम तथा समेकित प्रबंधन जैसे विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
प्रशिक्षण में केवल फसल उत्पादन तक सीमित जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मूल्य दिलाने के लिए मूल्य संवर्धन की तकनीकों पर भी विशेष ध्यान रहेगा। प्रतिभागियों को कटाई के बाद फसलों के उचित प्रबंधन, प्रसंस्करण, संरक्षण और पैकेजिंग की जानकारी दी जाएगी। इससे प्रतिभागियों को खेती से जुड़े उत्पादों को बेहतर तरीके से तैयार करने और उन्हें बाजार की जरूरतों के अनुसार उपयोगी बनाने की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. लव भूषण ने कार्यक्रम के उद्देश्य और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को कक्षा में दी जाने वाली जानकारी के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव भी प्राप्त हो। इसके तहत प्रतिभागियों को खेतों में प्रदर्शन, प्रयोगात्मक अभ्यास और संबंधित कृषि उद्यमों का भ्रमण करवाया जाएगा। इस दौरान उन्हें संरक्षित खेती की तकनीकों को करीब से समझने और उनका व्यावहारिक उपयोग सीखने का अवसर मिलेगा।
Read Also: हिमाचल में 15 अगस्त का रोस्टर जारी, सुक्खू हमीरपुर में फहराएंगे तिरंगा
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान नियमित कक्षा व्याख्यानों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, खेतों में प्रदर्शन, प्रयोगात्मक गतिविधियां और अध्ययन भ्रमण आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. विनोद शर्मा, विश्वविद्यालय एनसीसी अधिकारी डॉ. अंकुर शर्मा और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सुमन कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कृषि एवं बागवानी क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। यह पहल भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों को आधुनिक कृषि से जुड़े कौशल प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों के पास कृषि, बागवानी और संबंधित क्षेत्रों में आजीविका के अवसर तलाशने के लिए उपयोगी व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता होगी।
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर