शिमला में किसानों को प्राकृतिक खेती के आसान तरीके सिखाने का कार्यक्रम होगा
शिमला में किसानों को प्राकृतिक खेती के आसान तरीके सिखाने का कार्यक्रम होगा

Author : Man Singh

April 13, 2026 3:12 p.m. 134

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने और उन्हें आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सोमवार को आयोजित होगा, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और बागवान भाग लेंगे।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराना और उन्हें रासायनिक खेती से हटाकर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करना है। कृषि विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 तक अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाए, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी देंगे। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि कैसे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। प्राकृतिक खेती से न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि भूमि की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है।

इस अवसर पर ऐसे प्रगतिशील किसान भी अपने अनुभव साझा करेंगे, जिन्होंने पहले से ही प्राकृतिक खेती अपनाकर बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं। वे बताएंगे कि किस प्रकार उन्होंने कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया और अपनी आय में वृद्धि की। इन सफल किसानों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि अन्य किसान भी प्रेरित हो सकें।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से किसानों की आय में सुधार होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह खेती पद्धति स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि इससे पहले आयोजित प्रशिक्षण शिविरों को किसानों द्वारा काफी सराहा गया है और अब इस तरह के कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा। विभाग की योजना है कि आने वाले समय में गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए।

इस पहल से राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सरकार और कृषि विभाग का लक्ष्य है कि हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक खेती का एक मॉडल राज्य बनाया जाए, जिससे सतत कृषि विकास को सुनिश्चित किया जा सके।

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