फोर्टिस मोहाली में सफल रोबोटिक सर्जरी से 61 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवनदान
फोर्टिस मोहाली में सफल रोबोटिक सर्जरी से 61 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवनदान

Author : Rajesh Vyas

April 13, 2026 12:47 p.m. 117

फोर्टिस अस्पताल, मोहाली के यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी और रोबोटिक सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल चिकित्सा स्थिति में 61 वर्षीय मरीज का सफल उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। यह मामला आधुनिक चिकित्सा तकनीक की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें रोबोटिक सर्जरी और नवीनतम न्यूनतम आक्रामक उपचार पद्धतियों का उपयोग किया गया।

इस संबंध में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित डडवाल ने पालमपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीज कई गंभीर समस्याओं से पीड़ित था। उसकी एक किडनी पहले ही पूरी तरह से काम करना बंद कर चुकी थी, जबकि दूसरी किडनी में ट्यूमर पाया गया था। इसके साथ ही मरीज को प्रोस्टेट ग्रंथि में गैर-कैंसरकारी वृद्धि (बीपीएच) की समस्या भी थी, जिसके कारण उसे बार-बार पेशाब आने और अन्य गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

डॉक्टरों के अनुसार यह केस अत्यंत जोखिम भरा था, क्योंकि मरीज के पास केवल एक ही कार्यशील किडनी थी और उसी में ट्यूमर मौजूद था। ऐसे में इलाज करना एक बड़ी चुनौती थी। चिकित्सा टीम ने अत्याधुनिक रोबोट-सहायता प्राप्त आंशिक नेफ्रेक्टोमी तकनीक का उपयोग करते हुए किडनी से ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया और स्वस्थ किडनी के हिस्से को सुरक्षित रखा।

इसके साथ ही मरीज के प्रोस्टेट के इलाज के लिए वॉटर वेपर थेरेपी (रेजुम) तकनीक का उपयोग किया गया। यह एक आधुनिक न्यूनतम आक्रामक प्रक्रिया है, जिसमें रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा के माध्यम से जलवाष्प को प्रोस्टेट ग्रंथि में प्रवाहित किया जाता है, जिससे ग्रंथि का आकार कम हो जाता है और मरीज को तुरंत राहत मिलती है। यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और इसमें रिकवरी भी बहुत तेजी से होती है।

डॉ. डडवाल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी ने जटिल से जटिल मामलों में भी इलाज को सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है। इस तकनीक के माध्यम से न केवल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो पाया है, बल्कि मरीज के अंगों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। यह चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इलाज के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और उसे तीसरे ही दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अंतिम पैथोलॉजी रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि ट्यूमर पूरी तरह से सफलतापूर्वक निकाल दिया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि यह केस इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक रोबोटिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मिलकर गंभीर से गंभीर रोगों का भी सफल इलाज कर सकती है और मरीजों को बेहतर जीवन प्रदान कर सकती है।

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