सीएम की अपील के बाद खत्म हुई रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल, राहत
सीएम की अपील के बाद खत्म हुई रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल, राहत

Post by : Himachal Bureau

Dec. 29, 2025 12:07 p.m. 1438

हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने वाली रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। आईजीएमसी शिमला में मरीज से मारपीट के मामले के बाद डा. राघव निरूला की सेवा समाप्ति को लेकर शुरू हुआ यह विरोध मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अपील के बाद रविवार देर शाम खत्म कर दिया गया। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री ने डा. राघव निरूला की सेवा समाप्ति से जुड़े पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने और आदेश पर पुनर्विचार का भरोसा दिलाया है। संगठन ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस आश्वासन पर विश्वास जताते हुए हड़ताल समाप्त की जा रही है। मामले को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिए तीन जनवरी 2026 को आईजीएमसी में आरडीए की बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रेस नोट पर आरडीए अध्यक्ष डा. सोहन शर्मा, महासचिव डा. आदर्श शर्मा और उपाध्यक्ष डा. मधुप अरोड़ा के हस्ताक्षर हैं।

रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल बीते दो दिनों से जारी थी, जिसे हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन का भी समर्थन प्राप्त था। इसके चलते न केवल आईजीएमसी शिमला, बल्कि प्रदेश के कई अन्य सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं और नियमित चिकित्सा कार्य प्रभावित हुए थे। कई जरूरी ऑपरेशन भी टालने पड़े, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

हड़ताल वापस लिए जाने के बाद सोमवार से राज्य भर के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से बहाल हो गई हैं। ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और अन्य चिकित्सा सेवाएं फिर से शुरू होने से आम जनता ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार लंबित उपचार और शल्य क्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर की जाएंगी।

हालांकि हड़ताल खत्म करने के फैसले के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के भीतर मतभेद भी सामने आए। रविवार शाम प्रेस वार्ता बुलाने की घोषणा के बावजूद तय समय पर वार्ता नहीं हो सकी। इसके बाद संगठन के निर्वाचित पदाधिकारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का प्रेस नोट जारी किया गया, जबकि रेजिडेंट डॉक्टरों का एक अन्य गुट देर शाम तक पोस्टर लेकर नारेबाजी करता रहा। इस गुट का कहना था कि उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अभी समाधान नहीं हुआ है और सोमवार सुबह आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल मुख्यमंत्री की पहल से हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर लौट आई है और जनता को फिर से नियमित चिकित्सा सुविधाएं मिलने लगी हैं।

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