शिमला में नशे से युवक की मौत, दोस्त ने शव सड़क किनारे फेंक दिया, पुलिस कर रही मामले की जांच
शिमला में नशे से युवक की मौत, दोस्त ने शव सड़क किनारे फेंक दिया, पुलिस कर रही मामले की जांच

Post by : Himachal Bureau

Jan. 28, 2026 5:29 p.m. 1662

जिला शिमला से एक सनसनीखेज और चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और दोस्ती दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक की नशे के ओवरडोज से मौत हो गई। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि युवक की मौत के बाद उसके ही दोस्त ने न तो पुलिस को सूचित किया और न ही मृतक के परिजनों को। उल्टा, उसने युवक के शव को अपनी गाड़ी में डालकर सुनसान इलाके में सड़क किनारे छोड़ दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव थाना क्षेत्र का है। मृतक युवक अपने दोस्त रोहित राठौर के घर गया था, जो डोडरा-क्वार इलाके में संधासु रोड पर रहता है। दोनों ने वहीं कुछ समय बिताया और नशा किया। इसी दौरान युवक की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।

अगली सुबह, जब मृतक उठकर नहीं आया, तो उसका दोस्त रोहित ने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही परिवार को बताया। इसके बजाय उसने शव को अपनी गाड़ी में डालकर लगभग 9 किलोमीटर दूर धमवाड़ी इलाके में सड़क किनारे छोड़ दिया। यह घटना सुनते ही इलाके में हड़कंप मच गया और लोग हैरान रह गए।

मृतक युवक की पहचान मुकेश चौहान, निवासी देनवाड़ी गांव, शिमला के रूप में हुई है। मृतक के भाई अरुण चौहान ने पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दी और 27 जनवरी को चिड़गांव थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या और सबूत छुपाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि युवक की मौत वास्तव में कैसे हुई और इसके बाद उसके दोस्त ने शव को सड़क किनारे क्यों फेंका। यह भी देखा जाएगा कि क्या मृतक के साथ कोई और परिस्थितिजन्य दबाव या गलत कार्यवाही हुई थी। जांच स्वयं चिड़गांव थाना प्रभारी द्वारा की जा रही है।

स्थानीय लोग और परिजन इस मामले को लेकर गंभीर चिंता में हैं। उनका कहना है कि दोस्ती और इंसानियत का ऐसा व्यवहार बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इस घटना ने न केवल इलाके के लोगों को हिला कर रख दिया है, बल्कि यह नशे के खतरों और युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन की ओर भी चेतावनी स्वरूप है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों से सबक लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और नशे पर नियंत्रण करने की दिशा में कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।

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