महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा पर मंडी में जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा पर मंडी में जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

July 30, 2026 11:40 a.m. 161

मंडी। महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा संबंधी प्रावधानों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से मंडी स्थित राज्य प्रशिक्षण केंद्र, ढांगसीधार के प्रमुख संसाधन केंद्र में एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए काउंसलर्स, चिकित्सा विशेषज्ञों, पुलिस अधिकारियों, अधिवक्ताओं, संरक्षण अधिकारियों तथा वन स्टॉप सेंटरों के कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, न्यायिक अधिकारों और संकट की स्थिति में उपलब्ध सरकारी सहायता तंत्र पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।

महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी

कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। यदि किसी महिला के साथ भेदभाव, उत्पीड़न, हिंसा या उसके अधिकारों का उल्लंघन होता है तो उसे चुप रहने की बजाय संबंधित विभाग, पुलिस, न्यायालय अथवा राज्य महिला आयोग से सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूक महिला ही अपने अधिकारों की रक्षा करने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग महिलाओं से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है। आयोग पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराता है। साथ ही आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता, जिससे हर जरूरतमंद महिला आसानी से न्याय की प्रक्रिया तक पहुंच सके।

महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की दी विस्तृत जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को Women Rights, Legal Awareness, Domestic Violence Act, POSH Act, Dowry Act तथा Women Safety से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं के पुलिस संबंधी अधिकार, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, पूछताछ एवं गिरफ्तारी के दौरान मिलने वाले कानूनी संरक्षण, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित कानून, बलात्कार मामलों में लागू कानूनी प्रावधान तथा भरण-पोषण के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में कानून महिलाओं को कई प्रकार की सुरक्षा प्रदान करता है। समय पर शिकायत दर्ज कराकर और उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाकर पीड़ित महिला न्याय प्राप्त कर सकती है।

वन स्टॉप सेंटर की भूमिका पर हुआ विशेष सत्र

जिला कल्याण अधिकारी अजय बदरेल ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सीय सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग, अस्थायी आश्रय और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को त्वरित और समन्वित सहायता उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और कानूनी सहायता पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

डॉ. राजीव कुमार ने महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना का प्रभाव केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी पड़ता है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करना और उन्हें उचित परामर्श उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने वन स्टॉप सेंटर से जुड़े कानूनी प्रावधानों, महिला संरक्षण कानूनों तथा न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता ही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सशक्त बनाती है।

साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए

डीएसपी (मुख्यालय) दिनेश कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा, Cyber Crime, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग करते समय महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या उत्पीड़न की स्थिति में बिना देरी किए पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने महिला हेल्पलाइन सेवाओं और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता व्यवस्था की भी जानकारी दी।

Read Also: गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु महिमा, आस्था और भारतीय संस्कृति का महान पर्व

विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिभागी

कार्यक्रम के समापन अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव बुशरा अंसारी ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से ही महिलाओं को उनके अधिकारों का लाभ प्रभावी ढंग से दिलाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों के वन स्टॉप सेंटरों के कर्मचारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, सरोज शर्मा, रीना द्रोच, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा अन्य प्रतिभागी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों की जानकारी और प्रभावी सहायता तंत्र को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #मंडी
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
चंबा मिंजर मेला समापन समारोह में CM सुक्खू करेंगे अध्यक्षता, कई सौगातें किन्नर कैलाश यात्रा शुरू, पहले दिन 115 श्रद्धालुओं ने किया पवित्र प्रस्थान मणिमहेश यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य गुरु पूर्णिमा 2026: गुरु महिमा, आस्था और भारतीय संस्कृति का महान पर्व कॉमनवेल्थ गेम्स में सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता रजत पदक लगातार छठे दिन बंद रही माता वैष्णो देवी यात्रा, श्रद्धालुओं का इंतजार जारी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, किन्नर कैलाश यात्रा जारी रखने के आदेश 26 जुलाई से शुरू होगा अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला, राज्यपाल करेंगे शुभारंभ