शैंशर और शाक्टी में हेलीपैड निर्माण की मांग ने पकड़ी रफ्तार, एसडीएम बंजार जल्द करेंगे घाटी का दौरा
शैंशर और शाक्टी में हेलीपैड निर्माण की मांग ने पकड़ी रफ्तार, एसडीएम बंजार जल्द करेंगे घाटी का दौरा

Author : Prem Sagar

March 14, 2026 3:40 p.m. 2657

कुल्लू जिले के शैंशर और शाक्टी क्षेत्रों में हेलीपैड निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया है। यह मुद्दा हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2023 और 2025 में आई भयंकर बाढ़ के समय इन क्षेत्रों की सड़कें और रास्ते कई जगहों पर टूट गए थे, जिससे स्थानीय लोगों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

आपदा के समय राहत सामग्री जैसे राशन और जरूरी सामान हेलीकॉप्टर से पहुंचाया गया, लेकिन हेलीपैड की सुविधा न होने के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा आई। विशेष रूप से गंभीर रूप से बीमार मरीज और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर परेशानियां हुई। स्थानीय लोगों को अपने निजी और सार्वजनिक कामों के लिए लगभग 30 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा, जो जोखिम और भय का कारण बना।

इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शैंशर और शाक्टी क्षेत्रों का जल्द दौरा करने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार एसडीएम बंजार पंकज शर्मा और प्रशासन की पूरी टीम जल्दी ही शैंशर क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान बिहाली, मनु मंदिर और चेचार समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया जाएगा, ताकि हेलीपैड निर्माण की संभावनाओं और उचित स्थानों का मूल्यांकन किया जा सके।

शिकायत निवारण समिति के सदस्य महेंद्र सिंह पालसरा ने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे प्रशासन के दौरे में सहयोग करें। उनका कहना है कि इस सहयोग से हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी और भविष्य में आपदा के समय लोगों को राहत पहुँचाने में आसानी होगी।

प्रशासन का मानना है कि हेलीपैड बनने के बाद न केवल आपदा राहत कार्यों में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। इससे स्थानीय मरीजों, गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को समय पर अस्पताल पहुँचने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, प्रशासन हेलीपैड के निर्माण से जुड़े सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन भी करेगा, ताकि निर्माण कार्य सुचारु और प्रभावी तरीके से हो सके।

इस प्रयास से शैंशर और शाक्टी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होगी। स्थानीय लोगों का जीवन सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से आसान बनेगा। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि हेलीपैड निर्माण के लिए सभी संसाधनों का उचित उपयोग किया जाएगा और परियोजना समयबद्ध रूप से पूरी की जाएगी।

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