सैंज कॉलेज का भवन दस साल से अधूरा, प्रशासन की लापरवाही पर छात्रों का विरोध
सैंज कॉलेज का भवन दस साल से अधूरा, प्रशासन की लापरवाही पर छात्रों का विरोध

Author : Prem Sagar

April 6, 2026 3:16 p.m. 1442

सैंज महाविद्यालय के भवन निर्माण और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति ने छात्रों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अनुसार यह महाविद्यालय पिछले एक दशक से निर्माणाधीन है, लेकिन अब तक केवल भवन के पिलर खड़े किए गए हैं। इस लंबी अवधि में सरकार और प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह की ठोस पहल नहीं हुई, जिससे घाटी के सैंकड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

वर्तमान में महाविद्यालय केवल दो कमरों में चल रहा है, जिसमें छात्र अध्ययन के लिए आवश्यक सुविधाओं से वंचित हैं। लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, कंप्यूटर और अन्य शैक्षिक सुविधाएं नदारद हैं। मजबूरी में छात्रों को अन्य शहरों में जाकर महंगी शिक्षा हासिल करनी पड़ रही है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का सपना अधूरा रह जाता है।

महाविद्यालय में शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भारी कमी भी छात्रों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। पर्याप्त शिक्षक और शिक्षा सामग्री के अभाव में छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और उनका शैक्षणिक विकास बाधित हो रहा है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि महाविद्यालय का भवन निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाएं जल्द नहीं पूरी की गईं, और छात्राओं व छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों को प्रभावी रूप से नहीं माना जाता।

छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी होगी। अन्यथा घाटी के छात्रों का भविष्य लगातार प्रभावित होता रहेगा, और शिक्षा की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ेगा।

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