शौर्य चक्र विजेता अमित सिंह राणा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत
शौर्य चक्र विजेता अमित सिंह राणा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

Post by : Himachal Bureau

June 3, 2026 11:18 a.m. 124

भारतीय नौसेना के बहादुर मरीन कमांडो और शौर्य चक्र से सम्मानित अमित सिंह राणा का एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया। कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र के लाहारू के रहने वाले अमित सिंह राणा की असमय मृत्यु की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस वीर जवान की अचानक हुई मौत ने परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

जानकारी के अनुसार अमित सिंह राणा सोमवार रात अपने एक मित्र से मुलाकात कर घर लौट रहे थे। देर रात जब वह लाहारू क्षेत्र के एक तीखे मोड़ से गुजर रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। बताया जा रहा है कि कार लगभग 500 फुट नीचे खाई में जा पहुंची। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच गए।

स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अंधेरी रात और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लोगों ने घंटों की मेहनत के बाद अमित सिंह राणा को खाई से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद समाचार के सामने आते ही पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।

अमित सिंह राणा केवल एक सैनिक ही नहीं बल्कि साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल भी थे। उन्होंने भारतीय नौसेना की विशेष कमांडो इकाई में रहते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया था। आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उनके साहसिक कार्यों ने उन्हें सेना और समाज दोनों में विशेष पहचान दिलाई थी।

वर्ष 2018 में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उन्होंने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने असाधारण बहादुरी का परिचय दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर कई जोखिम भरे अभियानों को सफल बनाया। उनकी वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

इस दुखद हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी, चार वर्षीय पुत्र और दो बहनें हैं। परिवार के लिए यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकेगी। गांव के लोगों का कहना है कि अमित सिंह राणा हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे रहते थे और उनका व्यवहार बेहद सरल और मिलनसार था।

मंगलवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। सेना के जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सम्मान में सैन्य परंपराओं का पालन किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी अमित सिंह राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों ने कहा कि देश ने एक साहसी सैनिक खो दिया है, जिसकी वीरता और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनका जीवन राष्ट्र सेवा, साहस और समर्पण का प्रतीक था।

कांगड़ा में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में तीखे मोड़ और कठिन सड़कें अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय और मजबूत करने की मांग भी की है।

अमित सिंह राणा अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके साहस, बलिदान और देशभक्ति की कहानियां हमेशा जीवित रहेंगी। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किए गए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनका नाम उन वीर सैनिकों में हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।

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