पद्मश्री सम्मान पर पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने डॉ. प्रेम लाल गौतम को दी बधाई
पद्मश्री सम्मान पर पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने डॉ. प्रेम लाल गौतम को दी बधाई

Author : Rajesh Vyas

Jan. 28, 2026 10:34 a.m. 530

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हिमाचल प्रदेश के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण बन गया, जब विन्द्रावन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम के नाम की घोषणा पद्मश्री सम्मान के लिए की गई। इस सम्मान की घोषणा के साथ ही पूरे क्षेत्र में खुशी, गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

इस उपलब्धि पर पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार विशेष रूप से विन्द्रावन हाउसिंग कॉलोनी स्थित डॉ. प्रेम लाल गौतम के आवास पहुंचे और उन्हें पुष्प भेंट कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “कौन कहता है कि मेहनत का फल नहीं मिलता, सच्ची लगन और ईमानदारी से किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता।” उन्होंने कहा कि डॉ. गौतम का जीवन इसी बात का जीवंत उदाहरण है।

पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने डॉ. गौतम से मुलाकात के दौरान उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण और किसानों के अधिकारों के लिए काम करना अत्यंत गर्व की बात है। डॉ. गौतम ने न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे भारतवर्ष का नाम रोशन किया है।

डॉ. प्रेम लाल गौतम वर्तमान में राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति के रूप में कार्यरत हैं। उनकी शिक्षा यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने बीएससी (कृषि) की पढ़ाई सोलन, हिमाचल प्रदेश से की, जिसमें वे विश्वविद्यालय पदक विजेता रहे। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से एमएससी तथा पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

लगभग पांच दशकों से अधिक लंबे अपने सेवाकाल में डॉ. गौतम ने एक प्रतिष्ठित आनुवंशिकीविद, पादप प्रजनक, शिक्षाविद, अनुसंधान प्रबंधक और संस्था निर्माता के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में सहायक प्रोफेसर के रूप में की।

इसके बाद उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी पदों पर रहते हुए देश की कृषि नीति और अनुसंधान को नई दिशा दी। वे जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति, पौधा किस्म संरक्षण एवं किसान अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री सोलन के डीन, उत्तराखंड बीज निगम के प्रबंध निदेशक तथा कैरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।

इसके अतिरिक्त वे हमीरपुर के मानद प्रो-चांसलर, शिवशक्ति स्कूल हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष तथा सतत विकास के लिए सामुदायिक लामबंदी संस्था के मुख्य संरक्षक भी हैं। शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान बहुआयामी और अनुकरणीय रहा है।

डॉ. गौतम द्वारा अब तक गेहूं, फॉक्सटेल बाजरा, सोयाबीन, राइसबीन, अमरंथ और बकव्हीट सहित कुल 12 उन्नत फसल किस्मों का विकास किया गया है। उन्होंने चावल के दो जर्मप्लाज्म का पंजीकरण कराया तथा राष्ट्रीय हित में बासमती चावल के मानकों को पुनर्परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके प्रयासों से भारत में जर्मप्लाज्म पंजीकरण प्रणाली की शुरुआत हुई। साथ ही जैव विविधता अधिनियम और पौधा किस्म संरक्षण एवं किसान अधिकार अधिनियम के निर्माण एवं क्रियान्वयन में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है। भारत में पादप आनुवंशिक संसाधनों में पहला स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू कराने का श्रेय भी डॉ. गौतम को जाता है।

उन्होंने कृषि जैव विविधता प्रबंधन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों का नेतृत्व किया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। किसानों के अधिकारों की रक्षा और टर्मिनेटर जीन पर प्रतिबंध के समर्थन में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।

डॉ. गौतम को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें लाल बहादुर शास्त्री स्मृति स्वर्ण पदक, उत्तरांचल रत्न, आजीवन उपलब्धि पुरस्कार, कृषि नेतृत्व पुरस्कार, इंदिरा गांधी सद्भावना पुरस्कार और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार प्रमुख हैं। उन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की गई है।

पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा कि वे स्वयं भी विन्द्रावन के निवासी हैं और इसी क्षेत्र से डॉ. गौतम का होना पूरे विन्द्रावन, पालमपुर विधानसभा क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश और देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने और देश सेवा के लिए प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक ने डॉ. प्रेम लाल गौतम को उनकी सादगी, समर्पण, अथक परिश्रम और पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान के लिए समस्त विन्द्रावन तथा पालमपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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