कांगड़ा में अवैध शिकार का खौफ, विस्फोट से दो पालतू गायें गंभीर घायल
कांगड़ा में अवैध शिकार का खौफ, विस्फोट से दो पालतू गायें गंभीर घायल

Post by : Khushi Joshi

Dec. 12, 2025 4:18 p.m. 1474

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में अवैध शिकार की घटनाओं ने एक बार फिर इंसानियत और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पनालथ में अवैध शिकार के लिए जमीन में रखे गए विस्फोटक पदार्थ की चपेट में आकर दो पालतू गायें बुरी तरह घायल हो गईं। विस्फोट इतना भयानक था कि दोनों गायों के जबड़े उड़ गए, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार इससे पहले ज्वाली क्षेत्र के बरियाल में भी इसी तरह के विस्फोट से एक गाय के घायल होने का मामला सामने आया था, जिसकी जांच अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि पनालथ पंचायत में यह दूसरा गंभीर मामला उजागर हो गया। बताया जा रहा है कि शिकारियों द्वारा बारूद को आटे की छोटी-छोटी गोलियों में भरकर जमीन पर रखा जाता है, ताकि जंगली जानवर उन्हें भोजन समझकर मुंह में डाल लें और विस्फोट से मारे जाएं। दुर्भाग्यवश, अब यही खतरनाक तरीका गांव के पालतू पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

पुलिस थाना ज्वाली के अंतर्गत आने वाले पनालथ गांव में एक खंडहरनुमा मकान के पास दो गायें घायल अवस्था में पड़ी मिलीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पंचायत प्रधान कैप्टन रमेश को सूचना दी, जिन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान वहां से छह छोटी-छोटी बारूद की गोलियां बरामद की गईं। आशंका जताई जा रही है कि गायों ने जैसे ही इन गोलियों को मुंह में डाला, विस्फोट होने से उनके जबड़े बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

घायल गायें गांव के ही परमजीत और राजकुमार की बताई जा रही हैं। घटना के बाद पशुपालकों और ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी गई। पंचायत प्रधान कैप्टन रमेश ने कहा कि यह न सिर्फ पशुओं के प्रति क्रूरता है, बल्कि गांव के लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और इस अमानवीय कृत्य में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

डीएसपी ज्वाली बीरी सिंह ने बताया कि बरामद की गई बारूद की गोलियों को एफएसएल टीम की सलाह से सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विस्फोटक किसने और किस उद्देश्य से वहां रखा था। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर अवैध शिकार के खिलाफ सख्त निगरानी और कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते दोषियों को पकड़कर कड़ी सजा नहीं दी गई, तो ऐसी घटनाएं आगे भी निर्दोष पशुओं और लोगों की जान के लिए खतरा बनी रहेंगी।

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