धर्मशाला को मिली एक और बड़ी सुविधा, पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यालय हुआ शुरू
धर्मशाला को मिली एक और बड़ी सुविधा, पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यालय हुआ शुरू

Post by : Himachal Bureau

July 7, 2026 5:30 p.m. 296

हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा और आसपास के जिलों के लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित सचिवालय से वर्चुअल माध्यम के जरिए धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। पहले यह कार्यालय शिमला में संचालित होता था, लेकिन अब इसे धर्मशाला स्थानांतरित कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से हजारों लोगों को सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक आसानी से मिल सकेंगी।

अब लोगों को शिमला जाने की जरूरत नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा और आसपास के जिलों में पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी रहती है। पहले आयोग से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को शिमला तक लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। अब धर्मशाला में कार्यालय खुलने के बाद लोगों को अपने काम के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

इससे शिकायतों और अन्य मामलों का निपटारा भी पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके क्षेत्र के नजदीक ही बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

धर्मशाला को बनाया जा रहा है प्रशासनिक केंद्र

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिले को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। इसके साथ ही सरकार कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों को भी कांगड़ा जिले में स्थानांतरित कर रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी कुछ अन्य विभागों के कार्यालय यहां स्थापित किए जाएंगे, ताकि लोगों को अधिक सुविधाएं मिल सकें और क्षेत्र का संतुलित विकास हो। उन्होंने उपायुक्त कांगड़ा को निर्देश दिए कि हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) का कार्यालय भी जल्द से जल्द धर्मशाला में शुरू करने की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं।

सरकार ने अन्य क्षेत्रों के लिए भी कही बड़ी बात

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। इसके अलावा कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी वर्गों को समान अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

आयोग के अध्यक्ष ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष प्रभात चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयोग के कार्यालय को धर्मशाला लाने का निर्णय कांगड़ा और आसपास के जिलों के लोगों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा।

अब पिछड़ा वर्ग के लोगों को आयोग से जुड़े मामलों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें समय पर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि नए कार्यालय से आयोग और आम लोगों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा, जिससे विभिन्न मामलों के समाधान में भी तेजी आएगी।

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लोगों को मिलेगी बेहतर और तेज सरकारी सेवा

धर्मशाला में पिछड़ा वर्ग आयोग का नया कार्यालय शुरू होने से प्रशासनिक सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर कार्यालय उपलब्ध होने से लोगों को समय की बचत होगी और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े जिलों में महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थापित करने से न केवल लोगों को सुविधाएं मिलती हैं, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलती है। धर्मशाला में पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यालय शुरू होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि अन्य सरकारी कार्यालय भी यहां स्थानांतरित होते हैं, तो कांगड़ा जिले के लोगों को और अधिक प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

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