सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाईवे से अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाईवे से अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी

Author : Rajesh Vyas

April 20, 2026 11:30 a.m. 119

देश में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह उनके जीवन के अधिकार से जुड़ा हुआ विषय है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण अंतरिम निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य सड़कों को सुरक्षित बनाना है।

अदालत ने कहा कि तेज रफ्तार वाले एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासनिक लापरवाही और ढांचागत कमियों के कारण खतरे का कारण नहीं बनने चाहिए। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे होने वाले अवैध अतिक्रमण पर भी सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सड़क के राइट ऑफ वे में आने वाले सभी अनधिकृत ढाबे, होटल, दुकानें और अन्य व्यावसायिक ढांचे 60 दिनों के भीतर हटाए जाएं। इस कार्य के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में बिना अनुमति के कोई भी लाइसेंस, व्यापारिक स्वीकृति या अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। मौजूदा लाइसेंसों की भी 30 दिनों के भीतर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

हादसों की रोकथाम के लिए कोर्ट ने ब्लैकस्पॉट की पहचान को जरूरी बताया है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे स्थानों की सूची तैयार करें, जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। इन जगहों पर रोशनी, कैमरे और चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे, जिससे हादसों को कम किया जा सके।

कोर्ट ने हाईवे पर आपातकालीन सुविधाओं को भी अनिवार्य बनाने का निर्देश दिया है। हर निश्चित दूरी पर एंबुलेंस और रिकवरी क्रेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए विश्राम स्थल, भोजन, शौचालय और सुरक्षित पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके अलावा, सभी प्रमुख राजमार्गों पर आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू करने के लिए भी कहा गया है, जिससे यातायात को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके। इससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों का उद्देश्य देशभर में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना है। इन कदमों से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा का अनुभव भी मिलेगा।

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