Post by : Himachal Bureau
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के मामले में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मेघालय हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर कुछ सवाल भी उठाए, लेकिन फिलहाल उस आदेश को रद्द करने या उस पर रोक लगाने से मना कर दिया। इस फैसले के बाद सोनम रघुवंशी फिलहाल जमानत पर ही रहेंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
यह मामला जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ के सामने आया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और ट्रायल कोर्ट की जमानत की शर्तों का पालन करते हुए शिलांग में रह रही हैं। ऐसे में इस समय हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के दोबारा खुलने के बाद की जाएगी।
मेघालय सरकार ने क्यों दी चुनौती?
मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार का कहना था कि इस मामले में आरोप बेहद गंभीर हैं और मुख्य आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए थी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि हाई कोर्ट के जमानत आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए, लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सोनम रघुवंशी पर अपने पति की हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं। उनका तर्क था कि केवल तकनीकी कारणों के आधार पर इतनी गंभीर आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने अदालत से हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस समय ऐसा कोई आदेश देने से इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
सोनम रघुवंशी मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं। उन पर अपने व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दोनों मई 2025 में मेघालय के सोहरा क्षेत्र में हनीमून मनाने गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए थे, जिसके बाद पूरे मामले ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा।
कैसे मिला था राजा रघुवंशी का शव?
लापता होने के कई दिन बाद, 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कई लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी और हत्या को अंजाम देने के लिए किराए के हमलावरों की मदद ली गई थी।
सोनम रघुवंशी पर क्या आरोप हैं?
पुलिस का आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से अपने पति की हत्या की साजिश रची। जांच एजेंसियों के अनुसार, उन्होंने कथित रूप से कुछ लोगों के साथ मिलकर इस वारदात की योजना बनाई। हालांकि, इन आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में चल रहे ट्रायल के बाद ही होगा।
हाई कोर्ट ने क्यों दी थी जमानत?
29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को सही माना था, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद वह जेल से रिहा हो गईं। इसके बाद मेघालय सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी।
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अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के दोबारा खुलने के बाद होगी। तब अदालत मेघालय सरकार की याचिका पर विस्तार से सुनवाई करेगी और तय करेगी कि हाई कोर्ट का फैसला सही था या नहीं। तब तक सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की गई सभी जमानत शर्तों का पालन करना होगा।
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