Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में बीते रविवार रात से लेकर सोमवार तक आए अचानक मौसम परिवर्तन ने पूरे राज्य में भारी तबाही मचा दी है। तेज हवाओं, लगातार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई जिलों में गंभीर नुकसान पहुंचाया है। मंडी, कुल्लू, ऊना, हमीरपुर, चंबा, शिमला और कांगड़ा जैसे जिलों में हालात काफी खराब हो गए हैं और कई इलाकों में सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी अचानक आए इस मौसम बदलाव ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया। तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे टूट गए और घरों की छतें उड़ गईं। इस आपदा में अब तक दो लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे राज्य में चिंता का माहौल है।
कुल्लू जिले में बिजली गिरने की घटना सबसे दर्दनाक रही, जहां एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं पालमपुर में बिजली बहाली के काम के दौरान एक कर्मचारी करंट लगने से अपनी जान गंवा बैठा, जिससे प्रशासन और बिजली विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
तेज हवाओं की रफ्तार लगभग 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे कई जगह भारी नुकसान हुआ। राज्यभर में करीब 32 मकान, 13 गौशालाएं और एक घराट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई घरों की छतें उड़ गईं और दीवारों में दरारें आ गईं, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
भूस्खलन और सड़क अवरोध की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। भारी बारिश के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर पेड़ और मलबा गिर गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। औट-लुहरी-सैंज मार्ग और पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेललाइन पर भी पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।
राज्य में सबसे बड़ा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। करीब 2009 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, जिससे कई गांव और शहर अंधेरे में डूब गए हैं। बिजली बोर्ड की टीमें लगातार मरम्मत और बहाली के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई है। मंडी जिले में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है, जहां 16 मकान और कई गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुल्लू और चंबा जिलों में भी कई घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग राहत और मरम्मत कार्य की मांग कर रहे हैं।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए और भी चेतावनी जारी की है। 11 से 15 मई तक हिमाचल में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है। तापमान में अचानक 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड फिर से बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
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