हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, कांग्रेस को लगा बड़ा झटका

Post by : Himachal Bureau

June 1, 2026 12:09 p.m. 120

हिमाचल प्रदेश के चार प्रमुख नगर निगमों के चुनाव परिणामों ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। मंडी, धर्मशाला, सोलन और पालमपुर नगर निगमों के लिए हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन नगर निगमों पर कब्जा जमा लिया, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम में अपना जनाधार बचाने में सफल रही। इन परिणामों को प्रदेश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इन्हें आगामी राजनीतिक समीकरणों और जनता के रुझान का संकेत भी माना जा रहा है।

नगर निगम चुनावों के लिए मतदान 17 मई को संपन्न हुआ था, जबकि मतगणना और परिणामों की घोषणा रविवार को की गई। चारों नगर निगमों की कुल 63 सीटों पर चुनाव हुए थे। इनमें भाजपा ने 37 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि कांग्रेस को 23 सीटों पर संतोष करना पड़ा। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। मंडी नगर निगम के एक वार्ड में चुनाव नहीं हो पाया क्योंकि वहां अंत तक केवल एक उम्मीदवार ही मैदान में बचा था।

सबसे अधिक चर्चा मंडी नगर निगम के परिणामों की रही, जहां भाजपा ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 15 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को यहां केवल एक सीट मिली, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। यह परिणाम भाजपा के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि मंडी क्षेत्र लंबे समय से प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

धर्मशाला नगर निगम में भी भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए स्पष्ट बढ़त हासिल की। यहां 17 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा ने 11 सीटें जीत लीं। कांग्रेस को पांच सीटों पर सफलता मिली, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती। धर्मशाला में भाजपा की इस जीत को संगठन की मजबूत रणनीति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है।

सोलन नगर निगम में मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा था और राजनीतिक जानकार कड़े संघर्ष की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि अंतिम परिणामों में भाजपा ने बढ़त बनाते हुए 17 में से 10 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। सोलन में भाजपा की यह जीत पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी पकड़ बरकरार रखी। यहां 15 वार्डों में से कांग्रेस ने 11 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा को चार सीटों पर सफलता मिली। पालमपुर का परिणाम कांग्रेस के लिए राहत लेकर आया, क्योंकि अन्य तीन नगर निगमों में उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

मतदान प्रतिशत की बात करें तो सबसे अधिक मतदान पालमपुर में दर्ज किया गया, जहां लगभग 69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद मंडी, धर्मशाला और सोलन का स्थान रहा। चुनाव में मतदाताओं की अच्छी भागीदारी को स्थानीय लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का संकेत माना जा रहा है।

परिणामों के बाद भाजपा नेताओं ने इसे जनता का समर्थन और पार्टी की नीतियों पर विश्वास बताया। पार्टी का कहना है कि नगर निगम चुनावों में मिली सफलता से यह स्पष्ट हुआ है कि लोगों ने विकास और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी है। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे परिणामों की समीक्षा करेंगे और संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनाव परिणामों का प्रभाव आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। नगर निगम चुनाव भले ही स्थानीय स्तर के होते हैं, लेकिन इनके नतीजे अक्सर जनता के राजनीतिक रुझान को दर्शाते हैं। ऐसे में मंडी, धर्मशाला और सोलन में भाजपा की जीत तथा पालमपुर में कांग्रेस की सफलता को दोनों दल अपने-अपने तरीके से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

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