ग्रामीण निर्माण कार्यों के नियमन को लेकर सरकार की बड़ी पहल
ग्रामीण निर्माण कार्यों के नियमन को लेकर सरकार की बड़ी पहल

Post by : Himachal Bureau

June 5, 2026 1:16 p.m. 738

हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और नियमानुसार बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी उद्देश्य को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण इलाकों में निर्माण गतिविधियों के नियमन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने की।

बैठक में तकनीकी शिक्षा, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों को एक निर्धारित ढांचे के अंतर्गत लाने के लिए तैयार किए गए मॉडल प्लान का गहन अध्ययन किया गया। विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों और विशेषज्ञों की राय को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

लंबी चर्चा के बाद उपसमिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के लिए तैयार मॉडल प्लान को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। अब इस प्रस्ताव को आगामी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा, जहां इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से निर्माण कार्य बढ़े हैं। ऐसे में कई स्थानों पर बिना उचित योजना और नियमों के भवन निर्माण होने से भविष्य में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इसी कारण निर्माण कार्यों को एक के अंतर्गत लाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

प्रस्तावित योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता आएगी। साथ ही लोगों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी मिल सकेंगे कि किस प्रकार के निर्माण कार्य किन नियमों के तहत किए जा सकते हैं। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण लगाने में भी मदद मिलेगी और गांवों का संतुलित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

बैठक में यह भी माना गया कि योजनाबद्ध विकास से ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत संरचना मजबूत होगी और भविष्य में सड़क, जल निकासी, पेयजल तथा अन्य सुविधाओं के विकास में भी आसानी होगी। सरकार का प्रयास है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव सी. पलरासु तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक हेमिस नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपसमिति को मॉडल प्लान से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और इसके संभावित लाभों पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल भविष्य में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ निर्माण गतिविधियों को अधिक जिम्मेदार, सुरक्षित और नियोजित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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