जनजातीय परिवारों को भूमि देने की पहल, राज्यपाल से मिले जगत सिंह नेगी
जनजातीय परिवारों को भूमि देने की पहल, राज्यपाल से मिले जगत सिंह नेगी

Post by : Himachal Bureau

June 3, 2026 12:11 p.m. 485

जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने लोक भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात कर महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि पात्र लोगों को नाउतोर वन भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया को जल्द मंजूरी प्रदान की जाए, ताकि लंबे समय से भूमि की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिल सके।

मुलाकात के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के सत्ता में आने के बाद वर्ष 2023 में ही केंद्र सरकार से यह अनुरोध किया गया था कि जनजातीय क्षेत्रों में नाउतोर भूमि आवंटन के लिए वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों से आवश्यक छूट प्रदान की जाए। उनका कहना था कि इस दिशा में सकारात्मक कदम उठने से हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिल सकता है।

जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में राज्यपाल की विशेष भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि नाउतोर वन भूमि के आवंटन को मंजूरी देने का अधिकार भी राज्यपाल के पास है। ऐसे में यदि आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जाती है तो पात्र युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए आजीविका के नए अवसर खुल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण रोजगार के अवसर भी अपेक्षाकृत कम हैं। यही कारण है कि कई युवाओं को अपने गांवों और क्षेत्रों से बाहर रोजगार की तलाश में जाना पड़ता है। यदि लोगों को कृषि, बागवानी और अन्य गतिविधियों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन की समस्या को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।

मंत्री ने यह भी बताया कि पूर्व में भी कई अवसरों पर वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों में छूट दी गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। उस दौरान बड़ी संख्या में पात्र लोगों को भूमि आवंटित की गई थी और इससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी इसी प्रकार की पहल जनजातीय क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नाउतोर नीति के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित सीमा तक भूमि आवंटित की जा सकती है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने, बागवानी गतिविधियों को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही इससे सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकेगी।

मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने पूरे विषय पर विस्तार से चर्चा की और मंत्री द्वारा रखे गए सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। राज्यपाल ने यह भी कहा कि जनजातीय समुदायों के हितों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

इस बैठक को जनजातीय क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इससे अनेक पात्र परिवारों को लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सकती है। जनजातीय समुदायों को उम्मीद है कि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सके।

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