हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 2026 तक एक लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य
हिमाचल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 2026 तक एक लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य

Post by : Himachal Bureau

April 8, 2026 12:07 p.m. 115

हिमाचल प्रदेश में खेती को और अधिक लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 तक प्रदेश में एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है और किसानों को इस नई पद्धति को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक खेती एक ऐसी पद्धति है, जिसमें किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा प्राप्त होता है। इस पद्धति में रासायनिक खादों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि देसी गाय के गोबर, गोमूत्र और स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे न केवल खेती की लागत घटती है, बल्कि जमीन की उर्वरता भी बनी रहती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता।

उन्होंने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 2,22,893 किसान और बागवान परिवार इस पद्धति को अपना चुके हैं। यह खेती राज्य की लगभग 99.3 प्रतिशत पंचायतों तक पहुंच चुकी है और वर्तमान में करीब 38,437 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। इससे साफ है कि प्रदेश में इस प्रणाली को तेजी से अपनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में काम कर रहे दो लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से लगभग 1,98,000 किसानों को प्रमाण पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। यह प्रमाण पत्र किसानों को उनकी उपज को बाजार में बेहतर पहचान दिलाने में मदद करता है और उन्हें अधिक लाभ प्राप्त करने का अवसर देता है।

उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत किसानों को रासायनिक खेती से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, फसलों में विविधता को बढ़ावा देना और खेती की लागत को कम करना है। इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए देश में सबसे अधिक एमएसपी प्रदान कर रही है। इस वर्ष प्राकृतिक तरीके से उगाए गए गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। इसी तरह मक्की का मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो किया गया है। पांगी घाटी में जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो किया गया है, जबकि हल्दी का मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला पूर्ण रूप से प्राकृतिक खेती करने वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके अलावा पहली बार अदरक को भी समर्थन मूल्य के दायरे में लाया गया है, जिसका मूल्य 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है।

सरकार ने पशुपालन क्षेत्र को भी मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि गाय के दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है, क्योंकि लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और करीब 53.95 प्रतिशत लोग सीधे तौर पर खेती पर निर्भर हैं। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 14.70 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और किसानों के हित में कई योजनाएं लागू कर रही है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्राकृतिक तरीके से उगाए गए उत्पादों को ‘हिम’ ब्रांड के तहत बाजार में उतारा जा रहा है, जिससे उनकी पहचान और मांग दोनों बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अधिक से अधिक किसान इस पद्धति को अपनाएंगे और इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

#हिमाचल प्रदेश #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
गांवों में साफ पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जुब्बल-नावर-कोटखाई में नई योजना मंडी में गवर्नर ने TB-Free इंडिया योजना के तहत आयुष्मान आरोग्य कैंप आयोजित किया हिमाचल सरकार ने शिमला और धर्मशाला के लिए दैनिक हवाई सेवाएं शुरू करने का MoU किया साइन शिमला, मंडी और कुल्लू में मौसम खराब, प्रशासन ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया लाहौल स्पीति में भारी हिमपात, शिंकुला दर्रे से जंस्कार का संपर्क पूरी तरह बंद नाबालिगों से काम कराने और लाइसेंस बिना आइसक्रीम बेचने पर उठे सवाल टीजीटी आर्ट्स भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, अब डॉक्यूमेंट जांच की प्रक्रिया होगी शुरू हमीरपुर में लड़कियों को कैंसर से बचाने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान, हजारों को मिल रही सुरक्षा