Post by : Himachal Bureau
शिमला: हिमाचल प्रदेश में किसानों को सामान्य खाद के साथ नैनो यूरिया खरीदने के लिए मजबूर करने के मामले पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने साफ किया है कि किसी भी किसान को उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई विशेष खाद या कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। यदि कोई विक्रेता सामान्य यूरिया के साथ नैनो यूरिया लेने की शर्त रखता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस रुख से प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। Himachal Agriculture से जुड़े किसानों के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि खाद खरीदते समय उनकी पसंद और आवश्यकता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यह मामला विधानसभा में कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। उन्होंने सदन में आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर किसानों को सामान्य खाद के साथ तरल नैनो यूरिया की बोतलें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। विधायक ने सरकार से मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने इसके लिए विधानसभा की एक समिति गठित करने और शीतकालीन सत्र से पहले जांच रिपोर्ट सदन में रखने का सुझाव भी दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी संस्था या एजेंसी की भूमिका सामने आती है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक भवानी सिंह पठानिया की मांग का भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने समर्थन किया। इसके बाद विपक्ष के अन्य कई भाजपा सदस्य भी इस मुद्दे पर उनके साथ खड़े नजर आए। हालांकि, कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने मामले की जांच के लिए अलग विधानसभा समिति गठित करने की मांग को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किसानों को नैनो यूरिया खरीदने के लिए मजबूर करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों और सहकारी समितियों को पहले ही स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। Nano Urea और Nano Urea Plus की खरीद किसान की आवश्यकता और पसंद पर निर्भर है। इसे सामान्य यूरिया के साथ अनिवार्य रूप से खरीदना जरूरी नहीं है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि कोई डीलर, एजेंसी या सहकारी समिति सामान्य खाद की बिक्री को नैनो यूरिया की खरीद से जोड़ती है, तो शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि किसानों को खाद खरीदने के मामले में किसी तरह के दबाव में नहीं आना चाहिए। Fertilizer News के इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि उत्पाद खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि किसी किसान को खाद खरीदते समय अतिरिक्त उत्पाद लेने के लिए मजबूर किया जाता है तो वह संबंधित कृषि विभाग या सक्षम अधिकारी के समक्ष इसकी शिकायत कर सकता है।
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नहीं। सरकार के अनुसार Nano Urea या Nano Urea Plus खरीदना किसान की जरूरत और पसंद पर निर्भर करता है। सामान्य यूरिया खरीदने के लिए नैनो यूरिया लेना अनिवार्य नहीं है।
Himachal Government ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसानों को सामान्य खाद के साथ नैनो यूरिया खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीलरों, एजेंसियों या सहकारी समितियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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