हिमाचल में बढ़ा दूध उत्पादन, बेहतर दाम मिलने से किसानों की आय में बड़ा सुधार
हिमाचल में बढ़ा दूध उत्पादन, बेहतर दाम मिलने से किसानों की आय में बड़ा सुधार

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 4, 2026 12:43 p.m. 1655

हिमाचल प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा दूध खरीद मूल्य में की गई वृद्धि का सीधा लाभ किसानों और पशुपालकों को मिलने लगा है। बेहतर दाम मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का रुझान एक बार फिर पशुपालन की ओर बढ़ा है। इससे न केवल किसानों की आय में सुधार हुआ है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

पिछले तीन वर्षों के दौरान दूध खरीद मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। इसका असर अब उत्पादन के आंकड़ों में साफ दिखाई देने लगा है। पहले जहां सीमित मात्रा में दूध एकत्रित किया जाता था, वहीं अब प्रतिदिन हजारों लीटर दूध संग्रहित किया जा रहा है। दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिला है।

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों का कहना है कि पहले दूध की कीमत कम होने के कारण उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। अब बेहतर मूल्य मिलने से पशुपालन लाभकारी व्यवसाय बनता जा रहा है। कई परिवारों ने अपने पशुओं की संख्या बढ़ाई है, जबकि बड़ी संख्या में युवाओं ने भी इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाना शुरू किया है। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा जिले के ढगवार क्षेत्र में आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। इस संयंत्र के शुरू होने के बाद दूध के भंडारण और प्रसंस्करण की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इसके साथ ही दही, पनीर, लस्सी, खोया और अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे किसानों को अपने उत्पादों के बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुग्ध क्षेत्र में हो रहे निवेश और सुविधाओं के विस्तार से आने वाले समय में उत्पादन और अधिक बढ़ सकता है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर भुगतान और बाजार की सुविधा मिलने से उनका भरोसा मजबूत हुआ है। यही कारण है कि प्रदेश में पशुपालन को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

दूध उत्पादकों का कहना है कि बेहतर मूल्य मिलने से उनकी मासिक आय में अच्छा सुधार हुआ है। कई परिवार अब पशुपालन को अपनी मुख्य आय का स्रोत बना रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में आ रहे इस बदलाव को ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि इसी तरह किसानों को बेहतर मूल्य और आधुनिक सुविधाएं मिलती रहीं, तो आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। सरकार के प्रयासों से किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।

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