18 से 35 वर्ष की महिलाओं के लिए 10 माह का मुफ्त कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
18 से 35 वर्ष की महिलाओं के लिए 10 माह का मुफ्त कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

Post by : Himachal Bureau

Feb. 21, 2026 12:15 p.m. 245

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त प्रयासों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोजगारपरक निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

यह प्रशिक्षण विशेष रूप से ग्रामीण वीपीएल, अन्त्योदय स्वयं सहायता समूह तथा मनरेगा से जुड़े परिवारों की महिलाओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने पैरों पर खड़ी हों, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बना सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अपैरल मेड अप्स और होम फर्निशिंग तथा सेल्फ एम्पलायड टेलर जैसे कोर्स संचालित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कुल 10 माह की अवधि का होगा।

इन कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को कपड़ा निर्माण, सिलाई, परिधान डिजाइन, घरेलू सजावट से जुड़े उत्पादों के निर्माण तथा स्वरोजगार स्थापित करने की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण इस प्रकार तैयार किया गया है कि महिलाएं प्रशिक्षण पूरा करने के बाद स्वयं का छोटा व्यवसाय आरंभ कर सकें या किसी उद्योग में रोजगार प्राप्त कर सकें। यह निःशुल्क प्रशिक्षण चौधरी पवन सिंह शिक्षा समिति, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना प्रशिक्षण केंद्र, इच्छी कांगड़ा में प्रदान किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण के लिए केवल 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं पात्र होंगी। पात्र महिलाओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में 4 माह तक कक्षाओं के माध्यम से सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 6 माह का औद्योगिक प्रशिक्षण कराया जाएगा, जिससे प्रशिक्षुओं को वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव प्राप्त हो सके।

इस व्यवस्था से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को उद्योग की कार्यप्रणाली, अनुशासन और कार्य कौशल का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा, जो उनके भविष्य के रोजगार में सहायक सिद्ध होगा। प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने की व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क होगी। इसके अतिरिक्त पुस्तकों, प्रशिक्षण किट और वर्दी की सुविधा भी बिना किसी शुल्क के प्रदान की जाएगी।

प्रशिक्षुओं को सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्ट कौशल और अंग्रेजी भाषा से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कम्प्यूटर और टैबलेट के माध्यम से निर्देशात्मक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाएं आधुनिक तकनीक से परिचित हो सकें और डिजिटल युग के अनुरूप कौशल विकसित कर सकें।

प्रोजेक्ट प्रबंधन अधिकारी प्रमोद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें रोजगार के सुनहरे अवसर उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने इच्छुक महिलाओं से आग्रह किया कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और अपने भविष्य को संवारने के लिए आगे आएं।

इस अवसर पर संचालक निश्चय अवस्थी, पूर्व उपप्रधान प्रदीप कुमार तथा घाटी के समाजसेवक तिलक ठाकुर ने गांव-गांव जाकर लोगों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण परिवारों को प्रेरित किया कि वे अपनी बेटियों और महिलाओं को इस प्रशिक्षण में शामिल करें। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक महिलाएं मोबाइल नंबर 7832800002 पर संपर्क कर सकती हैं।

#हिमाचल प्रदेश #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #युवा रोजगार योजना हिमाचल
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट सत्र में पेश की हिमाचल के विकास और रोजगार की योजनाएं औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नाली में मिला युवक का शव, पुलिस ने जांच शुरू की डलहौजी में सड़क हादसा: खाई में गिरी कार, दो युवकों की मौत, चार गंभीर रूप से घायल पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर नया उपकर, अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए मदद की योजना सुजानपुर की बेटी स्वाति ठाकुर बनीं सहायक प्रोफेसर, क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल हिमाचल बजट में आत्मनिर्भरता पर जोर, किसानों और मछुआरों के लिए बड़े फैसले बिलासपुर की छात्रा शिवानी ने HPTU परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया शिमला में ट्रैफिक जाम ने बिगाड़ी रफ्तार, घंटों तक सड़कों पर फंसे लोग