मेलों में खाद्य सामग्री बेचने वालों के लिए फूड सेफ्टी लाइसेंस की अनिवार्यता पर सवाल
मेलों में खाद्य सामग्री बेचने वालों के लिए फूड सेफ्टी लाइसेंस की अनिवार्यता पर सवाल

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 6, 2026 11:19 a.m. 2254

प्रदेश भर में लगने वाले मेलों और उत्सवों के दौरान बड़ी संख्या में मौसमी दुकानदार खाद्य सामग्री जैसे चाट, मिठाई, पकौड़े, जूस और अन्य खाने-पीने की चीजें बेचते नजर आते हैं। इन मेलों में रोजाना हजारों लोग इन दुकानों से खाद्य पदार्थ खरीदकर सेवन करते हैं। ऐसे में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या मेलों में खाद्य आपूर्ति करने वाले इन मौसमी दुकानदारों को भी फूड सेफ्टी विभाग का लाइसेंस लेना अनिवार्य होना चाहिए या यह नियम केवल स्थायी दुकानदारों पर ही लागू होते हैं।

कई लोगों का मानना है कि चाहे दुकान स्थायी हो या अस्थायी, यदि वह जनता को खाने-पीने की चीजें बेच रही है तो उस पर फूड सेफ्टी से जुड़े सभी नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। उनका कहना है कि मेलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच उतनी ही जरूरी है, जितनी बाजारों में मौजूद स्थायी दुकानों की। लापरवाही की स्थिति में लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।

वहीं कुछ दुकानदारों का तर्क है कि वे केवल कुछ दिनों के लिए मेला अवधि में व्यापार करते हैं और उनके लिए स्थायी लाइसेंस बनवाना कठिन प्रक्रिया हो सकती है। हालांकि इसके बावजूद आम जनता का एक बड़ा वर्ग यह सवाल उठा रहा है कि यदि फूड सेफ्टी लाइसेंस जनता की सुरक्षा के लिए है, तो मेलों में इसे नजरअंदाज क्यों किया जाए।

जनता का कहना है कि मेलों में भी वही लोग खाद्य पदार्थ खरीदते और खाते हैं, जो रोजाना बाजारों से सामान लेते हैं। ऐसे में नियमों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। अब यह विषय प्रशासन और फूड सेफ्टी विभाग के लिए भी विचार का विषय बनता जा रहा है कि क्या मौसमी दुकानदारों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए या उन्हें भी समान नियमों के दायरे में लाया जाए।

इस मुद्दे पर जनता से राय मांगी जा रही है ताकि एक स्पष्ट और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जा सके, जिससे मेलों में आने वाले लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता न हो।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी किए निर्देश मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंबर तक चलेगी यात्रा हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प्रवक्ता हिमाचल में 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत 5 जिलों में झटके