नशा मुक्त हिमाचल के लिए सबकी भागीदारी जरूरी: नरेश ठाकुर, सख्त कदम जारी
नशा मुक्त हिमाचल के लिए सबकी भागीदारी जरूरी: नरेश ठाकुर, सख्त कदम जारी

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

March 23, 2026 3:08 p.m. 278

राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक और सलाहकार नरेश ठाकुर ने लोगों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई नशा विरोधी मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए सरकार ने एक बड़ी लड़ाई शुरू की है और इसमें समाज के हर वर्ग, खासकर युवाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। वह राज राजेश्वरी कॉलेज ऑफ एजूकेशन में आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता भी की।

उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं, जो बहुत चिंता की बात है। अगर हमारे परिवार या आसपास के लोग अभी इस समस्या से बचे हुए हैं, तब भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि नशे को जड़ से खत्म किया जाए। सभी लोगों को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना होगा ताकि हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सके।

नरेश ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नशे के तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप दिया है। सरकार ने एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू किया है, जिसके चलते प्रदेश में नशा माफिया की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसके साथ ही सरकार ने एक विशेष फोर्स बनाने का फैसला भी लिया है, जो नशे के कारोबार पर नजर रखेगी और कार्रवाई करेगी।

उन्होंने लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि अगर किसी को नशे के कारोबार या सेवन से जुड़ी जानकारी मिलती है, तो वह टोल फ्री नंबर 112 पर या ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ ऐप के माध्यम से सूचना दे सकता है। ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। इसके अलावा, चिट्टे के तस्करों की सूचना देने वालों के लिए सरकार ने 10 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के इनाम की भी घोषणा की है। यह इनाम बरामद किए गए नशीले पदार्थ की मात्रा के आधार पर दिया जाता है।

नरेश ठाकुर ने यह भी बताया कि सरकार स्वास्थ्य विभाग के जरिए चलाए जा रहे नशा निवारण और उपचार केंद्रों को मजबूत कर रही है। इन केंद्रों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि नशे के शिकार लोगों का सही इलाज हो सके। जोल सप्पड़ में बन रहे मेडिकल कॉलेज के नए परिसर में एक बड़ा नशा निवारण केंद्र स्थापित करने का भी फैसला लिया गया है, जिसके लिए अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार बजट में खेलों के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो युवाओं के लिए एक अच्छा कदम है। इससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलेगी और वे नशे से दूर रहेंगे।

इस कार्यक्रम में नशा निवारण बोर्ड के बीओडी सदस्य रूबल सिंह ठाकुर ने भी अपने विचार साझा किए। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राज धीमान ने मुख्य अतिथि और अन्य मेहमानों का स्वागत किया। इस मौके पर राज राजेश्वरी एजुकेशनल सोसाइटी के सचिव कुलवीर ठाकुर, कुलदीप ढटवालिया, कैप्टन झंगन सिंह, रुद्राक्ष सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्रशिक्षणार्थियों ने नशा विरोधी रैली निकाली, जिसमें नरेश ठाकुर और अन्य अतिथियों ने भी भाग लिया और लोगों को जागरूक किया।

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