देहरा बस अड्डे पर दर्दनाक हादसा, बस की चपेट में आने से महिला की दोनों टांगें कुचलीं
देहरा बस अड्डे पर दर्दनाक हादसा, बस की चपेट में आने से महिला की दोनों टांगें कुचलीं

Post by : Himachal Bureau

July 25, 2026 10:52 a.m. 131

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा बस अड्डे पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया। बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ के बीच हिमाचल पथ परिवहन निगम की एक बस की चपेट में आने से 55 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में महिला की दोनों टांगें बुरी तरह कुचल गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के बाद बस अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

महिला अपने पति के साथ आई थीं सरकारी कार्य से

घायल महिला की पहचान 55 वर्षीय सुषमा देवी के रूप में हुई है, जो देहरा क्षेत्र के सिहोटी खुर्द गांव की निवासी हैं। जानकारी के अनुसार वह अपने पति मस्त राम के साथ किसी आवश्यक कार्य से देहरा स्थित ब्लॉक कार्यालय आई थीं। मस्त राम ग्राम पंचायत सिहोटी खुर्द के वार्ड सदस्य हैं और सरकारी कार्य पूरा करने के बाद दोनों वापस अपने गांव लौटने के लिए बस अड्डे पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों सामान्य रूप से बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान बस अड्डे पर यात्रियों की संख्या बढ़ती चली गई और कुछ ही देर में वहां काफी भीड़ जमा हो गई।

बस को पीछे करते समय हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस अपने निर्धारित ग्रामीण मार्ग पर रवाना होने की तैयारी कर रही थी। बस पहले डिपो से निकलकर बस अड्डे पर पहुंची और निर्धारित स्थान पर लगाने के लिए पीछे की ओर लाई जा रही थी। उसी समय यात्रियों ने बस में चढ़ने की जल्दबाजी शुरू कर दी। इसी आपाधापी के दौरान महिला बस के अगले पहिए की चपेट में आ गईं। Bus Accident इतना गंभीर था कि बस का पहिया उनकी दोनों टांगों के ऊपर से गुजर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने चालक को बस रोकने के लिए आवाज लगाई और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

मौके पर मची अफरा-तफरी

घटना के बाद बस अड्डे पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग महिला की सहायता के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों, बस कर्मचारियों और आसपास मौजूद नागरिकों ने मिलकर घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका लगातार उपचार किया जा रहा है।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। Kangra News से जुड़े इस मामले में पुलिस ने बस चालक, परिचालक और घटनास्थल पर मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही बस की तकनीकी स्थिति, चालक की लापरवाही और बस अड्डे पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भीड़ और अव्यवस्था बनी हादसे की बड़ी वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि देहरा बस अड्डे पर ग्रामीण रूट की बसों के पहुंचते ही यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। सीट सुनिश्चित करने की जल्दबाजी में लोग बस पूरी तरह रुकने से पहले ही चढ़ने का प्रयास करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का मानना है कि बस अड्डे पर यात्रियों के लिए अलग प्रतीक्षा क्षेत्र, बैरिकेडिंग और स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। कई लोगों ने बस अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी उठाई है।

परिवहन व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। HRTC Bus सेवाओं का उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग करते हैं, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बस को पीछे करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए और चालक के साथ परिचालक को भी लगातार निगरानी रखनी चाहिए ताकि कोई व्यक्ति वाहन की चपेट में न आए।

प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस अड्डों पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाया जाए। यात्रियों के लिए सुरक्षित चढ़ने-उतरने की व्यवस्था विकसित की जाए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए। साथ ही बसों को पीछे करते समय चेतावनी संकेत, सायरन और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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यात्रियों से भी सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बस में चढ़ने की जल्दबाजी न करें और वाहन पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें प्रवेश करें। Road Accident जैसी घटनाओं से बचने के लिए यात्रियों को हमेशा निर्धारित स्थान पर खड़े रहना चाहिए और चालक व परिचालक के निर्देशों का पालन करना चाहिए। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घायल महिला के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बस अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई है।

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