15 डोगरा रेजीमेंट राइजिंग डे पर गूंजा सैनिक सम्मान और देशभक्ति का उत्साह
15 डोगरा रेजीमेंट राइजिंग डे पर गूंजा सैनिक सम्मान और देशभक्ति का उत्साह

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

July 15, 2026 5:12 p.m. 122

हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में आयोजित 15 डोगरा रेजीमेंट राइजिंग डे समारोह देशभक्ति, सैनिक सम्मान और सामाजिक एकता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। ऐतिहासिक हेरिटेज हवेली में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां, उनके परिवार और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति के नारों, अनुशासित वातावरण और सैनिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा में अपना योगदान देने वाले सैनिकों का सम्मान समाज की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।समारोह की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के जयघोष, दीप प्रज्ज्वलन और शहीदों को नमन के साथ हुई। ढोल-नगाड़ों की गूंज और उत्साहपूर्ण माहौल ने उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया। भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को याद करते हुए वक्ताओं ने सैनिकों के त्याग और समर्पण को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।

पूर्व सैनिकों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पूर्व सैनिकों ने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सेना केवल एक पेशा नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च माध्यम है, जहां अनुशासन, समर्पण और बलिदान सर्वोपरि होते हैं। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों बाद भी रेजीमेंट से जुड़ी यादें उनके जीवन की सबसे अनमोल धरोहर हैं।समारोह में सैनिकों के साहस, शौर्य और सेवा भावना को याद करते हुए नई पीढ़ी को सेना की गौरवशाली विरासत से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। पूर्व सैनिक समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनके अनुभव युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

सैनिक सम्मान और सामाजिक एकता का दिखा अनूठा संगम

आयोजन के दौरान पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज में उनके योगदान को याद करते हुए आयोजकों ने कहा कि सैनिकों का सम्मान केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके अनुभवों और त्याग को समाज में सदैव सम्मान मिलना चाहिए।कार्यक्रम में सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी लोगों ने मिलकर सहभागिता निभाई। इससे भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी मजबूत हुआ। देशभक्ति की भावना पूरे समारोह में स्पष्ट रूप से दिखाई दी और हर वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

नई पीढ़ी को सेना से जोड़ने पर दिया गया जोर

समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को सेना की गौरवशाली परंपराओं और देश सेवा के महत्व से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।यह भी कहा गया कि भविष्य में इस आयोजन को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक युवा सैनिक जीवन की प्रेरणा प्राप्त कर सकें। सैनिक सम्मान को समाज की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

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आयोजन ने दिया राष्ट्र सेवा का प्रेरक संदेश

पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक एकता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।समारोह ने यह भी साबित किया कि जब समाज सैनिकों के योगदान का सम्मान करता है, तब राष्ट्र और अधिक मजबूत बनता है। 15 डोगरा रेजीमेंट की गौरवशाली परंपराओं को याद करते हुए कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और देश सेवा के संकल्प के साथ हुआ।

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