Post by : Himachal Bureau
चम्बा जिले के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मौत का मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है। Chamba Medical College, Hospital Negligence, Himachal News, Medical College Chamba, Treatment Death Case और CM Sukhu से जुड़ी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला उपायुक्त को पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार चुराह क्षेत्र का रहने वाला एक व्यक्ति शनिवार को दुर्घटना का शिकार हो गया था। बताया जा रहा है कि वह ऊंचाई वाले स्थान से नीचे गिर गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल को तुरंत मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। हालांकि हालत गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद अस्पताल में मौजूद परिजनों का आरोप है कि मरीज को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि इलाज में तेजी और गंभीरता दिखाई जाती तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। इसी आरोप को लेकर अस्पताल परिसर में परिजनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जिला प्रशासन अब घटना से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रहा है। अस्पताल में उपचार के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भूमिका, मरीज को दी गई सुविधाओं तथा उपचार के समय की परिस्थितियों की विस्तार से जांच की जाएगी। जांच टीम संबंधित अधिकारियों, चिकित्सकों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज करेगी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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मृतक के परिजनों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल घटना की सच्चाई सामने लाना है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े। वहीं स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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