स्मार्ट, सुरक्षित और हरित शहर ही बनेंगे विकसित भारत की पहचान: राज्यपाल कविंदर गुप्ता
स्मार्ट, सुरक्षित और हरित शहर ही बनेंगे विकसित भारत की पहचान: राज्यपाल कविंदर गुप्ता

Post by : Himachal Bureau

July 8, 2026 4:54 p.m. 121

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा है कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब देश के शहर नवाचार, बेहतर प्रशासन, आधुनिक तकनीक और सतत विकास के मजबूत केंद्र बनें। उनका कहना था कि भविष्य के शहर केवल तकनीकी रूप से स्मार्ट ही नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए समान अवसर देने वाले, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी होने चाहिए। उन्होंने यह बात पुणे में आयोजित Future Cities Forum 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।

Future Cities Forum 2026 में रखे गए महत्वपूर्ण विचार

'भारत के शहर: विकसित भारत की विकास यात्रा का नेतृत्व' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश के शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के शहरों की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों से निकलने वाले विचार आने वाले समय में शहरी विकास की नीतियों को नई दिशा दे सकते हैं।

शहर केवल इमारतें नहीं, विकास की ताकत हैं

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में शहर केवल सड़कें, इमारतें और बाजार नहीं हैं। शहर ऐसे केंद्र हैं जहां रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, नए उद्योग विकसित होते हैं, नई तकनीक सामने आती है और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। यदि भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना है, तो उसके शहरों को भी वैश्विक स्तर के आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरों के रूप में विकसित करना होगा।

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स्मार्ट शहरों के साथ मानवीय सोच भी जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ शहरों का विकास लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने ऐसे शहरों की जरूरत बताई जो सभी वर्गों के लिए समान रूप से उपयोगी हों, जहां स्वच्छता, हरियाली, सुरक्षित वातावरण और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी कहा कि विकास की दौड़ में भारत की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पहचान को भी सुरक्षित रखना उतना ही जरूरी है।

सभी संस्थाओं के सहयोग से मिलेगा बेहतर परिणाम

उन्होंने कहा कि शहरों के समग्र विकास के लिए केवल सरकार का प्रयास पर्याप्त नहीं है। इसमें स्थानीय निकायों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। जब सभी मिलकर काम करेंगे, तभी लोगों की जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार होंगी और उनका बेहतर तरीके से क्रियान्वयन भी संभव होगा।

राज्यपाल ने विश्वास जताया कि Future Cities Forum 2026 में हुई चर्चाएं और सुझाव आने वाले समय में देश के शहरी विकास के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नए विचारों, नई तकनीकों और बेहतर योजनाओं को बढ़ावा देते हैं, जिससे शहरों का विकास अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने कहा कि यदि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो शहरों को आर्थिक विकास, नवाचार और सुशासन के मजबूत केंद्र बनाना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि Future Cities Forum जैसे आयोजन देश के शहरी विकास को नई गति देंगे और भविष्य में नागरिकों के लिए बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक शहरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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