हिमाचल के सरकारी स्कूलों में 3468 शिक्षकों की भर्ती शुरू, शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में 3468 शिक्षकों की भर्ती शुरू, शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट

Post by : Himachal Bureau

July 8, 2026 5:08 p.m. 376

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षक भर्ती अभियान के तहत कुल 3,468 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षक उपलब्ध होने से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में कई बड़े सुधारों पर एक साथ काम कर रही है।

3468 पदों पर भर्ती से हजारों युवाओं को मिलेगा मौका

शिक्षा विभाग के अनुसार कुल 3,468 पदों में से 2,668 नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव संबंधित चयन आयोग को भेज दिए गए हैं। इसके अलावा 800 शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति भी की जा रही है। इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य उन स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करना है जहां लंबे समय से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इस भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होगा।

इन विषयों में होगी सबसे अधिक भर्ती

सरकार केवल कुछ विषयों तक सीमित नहीं रहना चाहती। आने वाले समय में संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, संगीत, चित्रकला, कंप्यूटर विज्ञान, ललित कला, लोक प्रशासन और शारीरिक शिक्षा जैसे कई विषयों में भी नियुक्तियां पूरी की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को सभी विषयों के योग्य शिक्षक उपलब्ध हों ताकि पढ़ाई किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो।

अंग्रेजी और गणित पर सरकार का विशेष फोकस

राज्य सरकार ने फिलहाल अंग्रेजी और गणित विषयों को प्राथमिकता देते हुए 400-400 शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की है। इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में कार्यभार भी संभाल चुके हैं। सरकार का मानना है कि अंग्रेजी और गणित आज के समय में विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़े विषय हैं। इन विषयों में मजबूत आधार बनने से प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार

बैठक में डिजिटल शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि डॉ. वाई.एस. परमार डिजिटल विद्यार्थी योजना के तहत पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में 9,359 विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं। जिन पात्र छात्रों को अभी तक टैबलेट नहीं मिले हैं, उन्हें भी जल्द प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा संसाधनों से वंचित न रहे।

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सरकारी स्कूलों में बढ़ेगी तकनीकी सुविधाएं

प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को सूचना एवं संचार तकनीक से जोड़ने का कार्य पूरा किया जा चुका है। पहली बार 524 सरकारी स्कूलों में पुराने कंप्यूटर बदलने की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही 777 स्कूलों में बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिलेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था और अधिक आधुनिक बनने की उम्मीद है।

CBSE स्कूलों का बढ़ रहा दायरा

राज्य सरकार सीबीएसई स्कूल योजना को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 158 सरकारी स्कूलों को इस योजना के लिए मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से 146 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता भी प्राप्त हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर पाठ्यक्रम और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने विभिन्न सेवा मामलों, पदोन्नति, नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक विषयों की समीक्षा भी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जिन अभ्यर्थियों को पहले चयन प्रक्रिया में सफलता नहीं मिली थी, उन्हें नियमों के अनुसार दोबारा अवसर देने की भी बात कही गई।

स्कूलों के भवनों की मरम्मत पर भी जोर

सरकार केवल शिक्षकों की भर्ती तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि स्कूलों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। प्राकृतिक आपदाओं में क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए करोड़ों रुपये जारी किए जा चुके हैं। कई अन्य परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके।

बंद केंद्रीय विद्यालयों को जल्द शुरू करने की तैयारी

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में जहां केंद्रीय विद्यालय शुरू नहीं हो पाए हैं या किसी कारण से उनकी गतिविधियां प्रभावित हैं, उन्हें जल्द से जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मौसम खराब होने की स्थिति में स्कूलों को समय पर सूचना देने के लिए प्रभावी प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को फिर जोड़ा जाएगा स्कूलों से

सरकार ने ऐसे बच्चों की पहचान करने के भी निर्देश दिए हैं जिन्होंने किसी कारण से पढ़ाई छोड़ दी है। इन बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही निरीक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

शिक्षा व्यवस्था में दिखेंगे बड़े बदलाव

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल रिक्त पद भरना नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाना है। सरकार लगातार हिमाचल शिक्षा और डिजिटल शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुधार कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का लाभ लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को मिलेगा। सरकार का विश्वास है कि बेहतर शिक्षक, आधुनिक तकनीक, मजबूत स्कूल भवन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलकर हिमाचल प्रदेश को देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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