Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में बच्चों के कल्याण के लिए चल रही सुख-आश्रय योजना को एक बड़ी आर्थिक सहायता मिली है। हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीपीटीसीएल) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत इस योजना के लिए 95 लाख रुपये का योगदान दिया है। यह राशि मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत को चेक के माध्यम से सौंपी गई। इस सहयोग का उद्देश्य योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चों और अन्य लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराना है।
किन बच्चों को मिलेगा इस राशि का लाभ?
सुख-आश्रय योजना उन बच्चों और जरूरतमंद लाभार्थियों के लिए चलाई जा रही है, जिन्हें विशेष देखभाल, संरक्षण और सहयोग की आवश्यकता होती है। एचपीपीटीसीएल की ओर से दिए गए 95 लाख रुपये का उपयोग बच्चों के रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत बनाने में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस आर्थिक सहयोग से योजना के प्रभावी संचालन में मदद मिलेगी और लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
सीएसआर के तहत निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
एचपीपीटीसीएल ने यह योगदान अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) नीति के तहत दिया है। इस पहल का उद्देश्य केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों को भी सहयोग देना है। अधिकारियों का कहना है कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल कल्याण जैसे क्षेत्रों में इस तरह की पहल आगे भी जारी रहेगी।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
चेक सौंपने के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, सचिव (विद्युत) राकेश कंवर, एचपीपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक और उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) अनिल कुमार शर्मा मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि ऐसे सहयोग से जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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बच्चों के भविष्य को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आर्थिक सहायता से केवल वर्तमान जरूरतें ही पूरी नहीं होतीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी मजबूत आधार मिलता है। बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित वातावरण किसी भी बच्चे के समग्र विकास के लिए जरूरी होते हैं। सुख-आश्रय योजना का उद्देश्य भी यही है कि जिन बच्चों को परिवार का सहारा नहीं मिल पाता, उन्हें सरकार और समाज मिलकर सुरक्षित भविष्य प्रदान करें।
एचपीपीटीसीएल की यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का एक अच्छा उदाहरण मानी जा रही है। सरकारी संस्थानों द्वारा इस तरह के सहयोग से सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूती मिलती है और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना आसान होता है। सरकार ने भी इस योगदान की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी विभिन्न संस्थान इसी तरह समाजहित में आगे आकर सहयोग करेंगे। इस सहयोग से सुख-आश्रय योजना के लाभार्थियों को बेहतर देखभाल, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी, जिससे उनका भविष्य अधिक सुरक्षित और सशक्त बन सकेगा।
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