Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर जिले के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत री के गांव कंगरी में पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला। गांव के लोगों ने चुनाव प्रक्रिया का पूरी तरह बहिष्कार करते हुए मतदान केंद्र से दूरी बनाए रखी। कंगरी स्कूल में बनाए गए पोलिंग बूथ पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और कोई भी मतदाता वोट डालने नहीं पहुंचा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया और प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका वार्ड ग्राम पंचायत री के अंतर्गत आता है, लेकिन पंचायत घर गांव से काफी दूर स्थित है। लोगों को पंचायत संबंधी छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत घर गांव से लगभग दस से पंद्रह किलोमीटर दूर होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और नेताओं के सामने यह मांग रखी कि उनके वार्ड को नजदीकी पंचायत से जोड़ा जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
गांववासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे लेकर गांव पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही क्षेत्र की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। लोगों का कहना है कि गांव में सड़क, पेयजल, पंचायत सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद समाधान नहीं हो पाया। इसी कारण लोगों में भारी नाराजगी पैदा हो गई और उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनके क्षेत्र में विकास कार्य शुरू नहीं होंगे और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। लोगों का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर विकास देखना चाहते हैं। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और कहा कि वर्षों से उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
गांव के लोगों ने बताया कि पंचायत से जुड़े कई जरूरी काम समय पर नहीं हो पाते क्योंकि पंचायत कार्यालय दूर होने के कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस पूरे मामले के बाद प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। क्षेत्र में पंचायत चुनाव के दौरान हुए इस बहिष्कार को स्थानीय लोग जनभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। यदि ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों और विकास कार्यों को लगातार नजरअंदाज किया जाएगा तो लोगों का विश्वास व्यवस्था से उठता चला जाएगा।
ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन और चुनाव बहिष्कार की चर्चा अब आसपास के क्षेत्रों में भी होने लगी है। कई लोग इसे गांव के लोगों की मजबूरी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग प्रशासनिक लापरवाही को इसका मुख्य कारण मान रहे हैं। फिलहाल पूरे इलाके में इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
नॉर्वे शतरंज में गुकेश और प्रज्ञाननंदा को हार, दिव्या ने जीत...
Norway Chess के दूसरे दौर में Gukesh और Praggnanandhaa को हार मिली, जबकि Divya Deshmukh ने कोनेरू हम
लाहौल-स्पीति में सड़क टूटने से यातायात प्रभावित, प्रशासन मौक...
Lahaul-Spiti में भारी Landslide के कारण सड़क बाधित हो गई। BRO और जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग बनान
कांगड़ा में मां-बेटी मिलकर चला रही थीं चिट्टा तस्करी का बड़ा...
Kangra में Police ने Chitta तस्करी के बड़े मामले का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान बेटी गिरफ्तार हुई
भीषण गर्मी से राहत पाने शिमला पहुंचे हजारों पर्यटक, शहर में ...
भीषण गर्मी से राहत पाने बड़ी संख्या में Tourist शिमला पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ते Traffic Pressure स
सेब बागवानों को समय पर भुगतान देने के लिए सरकार ने बनाई नई य...
Himachal Government अब Apple Growers को DBT Payment के जरिए सीधे बैंक खातों में राशि देने की तैयारी
आईपीएल 2026 एलिमिनेटर में आज हैदराबाद और राजस्थान की बड़ी टक...
IPL 2026 Eliminator में आज हैदराबाद और राजस्थान के बीच बड़ा मुकाबला खेला जाएगा। हारने वाली टीम का टू
करीब छह महीने बाद फिर शुरू हुई दिल्ली-लेह बस सेवा, यात्रियों...
HRTC ने करीब छह महीने बाद Delhi Leh Bus Service दोबारा शुरू कर दी है। बर्फीले पहाड़ों के बीच यह सफर