Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के विकास नगर स्थित हिम अकादमी पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना और कक्षा शिक्षण को और अधिक प्रभावी तथा आधुनिक बनाना था। प्रशिक्षण सत्र में सकारात्मक व्यवहार प्रबंधन और आधुनिक डिजिटल शिक्षण उपकरणों के उपयोग पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन विशेषज्ञ प्रशिक्षक सुश्री शालिनी साहोत्रा द्वारा किया गया। उन्होंने शिक्षकों को कक्षा में विद्यार्थियों के व्यवहार को सकारात्मक दिशा देने के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह भी समझाया कि किस प्रकार डिजिटल तकनीक का उपयोग करके पढ़ाई को अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। उनके अनुसार तकनीक आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों की रुचि बढ़ती है और सीखने की प्रक्रिया अधिक सक्रिय हो जाती है।
इस प्रशिक्षण सत्र में विद्यालय के लगभग 96 शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से नई शिक्षण विधियों को समझा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को यह भी बताया गया कि कक्षा में अनुशासन बनाए रखते हुए किस प्रकार विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से पढ़ाया जा सकता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या (अकादमिक) डॉ. हिमांशु शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि आज के समय में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए सकारात्मक व्यवहार और डिजिटल उपकरणों का उपयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन दोनों का सही उपयोग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है।
विद्यालय के निदेशक इंजी. पंकज लखनपाल ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान हमेशा से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ने के लिए प्रयासरत रहा है। उनका कहना था कि समय के साथ शिक्षा के तरीके बदल रहे हैं और शिक्षकों को इन बदलावों के साथ आगे बढ़ना जरूरी है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और समयानुकूल शिक्षा मिल सके।
उप-प्रधानाचार्य श्री अश्वनी कुमार ने सभी शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उन्हें प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपनी दैनिक शिक्षण प्रक्रिया में लागू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे कक्षा में और अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ा पाते हैं।
यह पूरा कार्यक्रम विद्यालय की गुणवत्ता शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण और शिक्षकों के सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा, ताकि शिक्षकों को लगातार नई शैक्षिक चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके और विद्यार्थियों को सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान की जा सके।
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